पंजाब में कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार मार्ग में बाधा बन रहे रिहायशी इमारतों पर मोबाइल टावर लगाने पर पाबंदी के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हटा दिया है। अब पंजाब में नियमों का सख्ती से पालन करते हुए रिहायशी इमारतों में मोबाइल टावर लगाने की अनुमति राज्य सरकार दे सकेगी।
मोहाली निवासी सिमरजीत ने अपने घर पर लगे मोबाइल टावर को हटाने के लिए गमाडा की ओर से जारी नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका का दायरा बढ़ाते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब में रिहायशी इमारतों में मोबाइल टावर लगाने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद भारती एयरटेल व एडीसी टेलीकॉम ने रोक के आदेश को हटाने के लिए अर्जी दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने पाया कि अदालत में विभिन्न लोगों ने टावर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताने वाली याचिकाएं दी थीं, जिन्हें बिना किसी वैज्ञानिक सबूत के खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने दोनों कंपनियों की अर्जी मंजूर कर ली थी। पंजाब सरकार के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि रोक के आदेश को टालने वाला आदेश केवल इन दो कंपनियों के संदर्भ में था या सभी कंपनियों के। ऐसे में पंजाब सरकार ने अर्जी दाखिल करते हुए इस बारे में हाईकोर्ट से स्पष्टीकरण मांगा था।
कोर्ट को बताया गया कि जहां 5जी लांच की तैयारी है, वहीं कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्टर का राज्य में विकास बेहद जरूरी है। अभी तक केवल इन दो कंपनियों को ही अनुमति दी जा रही थी जबकि अन्य कंपनियां भी आवेदन कर रही हैं। हाईकोर्ट ने अब रिहायशी इमारतों पर टावर लगाने पर पाबंदी के आदेश को ही हटा दिया है। ऐसे में अब रिहायशी इमारतों पर टावर लगाए जा सकेंगे।