श्री गुरुग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी मोहिंदर पाल बिट्टू की नाभा जेल में साथी कैदियों द्वारा 22 जून 2019 को हत्या के मामले में जेल प्रबंधन को हाईकोर्ट ने दोषी माना है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे जेल प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए पंजाब सरकार को मृतक के परिवार को 21 लाख 83 हजार 581 रुपये मुआवजे के रूप में जारी करने का आदेश दिया है।
मृतक मोहिंदर पाल बिट्टू के पिता राम लाल, मृतक की पत्नी और उसके दो बेटों ने मुआवजे की मांग को लेकर एडवोकेट बलतेज सिंह सिद्धू के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में पंजाब सरकार नीति के तहत एक लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब सरकार को 20 लाख 83 हजार 581 रुपये तीन महीने में जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि यदि सही समय पर राशि जारी नहीं की गई तो उस राशि पर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
परिवार ने मांगा था 2 करोड़ मुआवजा
मृतक के परिवार का कहना था कि इस मामले में फंसने से पहले मोहिंदर बेकरी चलता था और काफी अच्छी आय होती थी। वह अकेला पूरे परिवार को भरण-पोषण करता था। उसकी मृत्य के बाद अब यह काम भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। परिवार पर जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। बिट्टू पर लगे आरोपों के चलते अब उनके परिवार को भी खतरा बना हुआ है। बिट्टू की मौत जेल प्रबंधन की लापरवाही से हुई है, ऐसे में उन्हें इसका मुआवजा दिया जाना चाहिए। परिवार ने 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी।