इस पर जेल प्रशासन की ओर से अपनी रिपोर्ट में जेल के अंदर सारे प्रबंध करने का भरोसा दिया गया था। गैंगस्टर मनदीप सिंह के परिवार के सदस्यों की ओर से हाईकोर्ट को अपील की गई थी कि शादी एक शगुन वाला दिन होता है, जो जेल अंदर सही नहीं लगता है। इस पर जेल के बाहर शादी करने की अनुमति दी जाए। साथ ही परिवार ने सुरक्षा व सारा खर्च उठाने की भी अपील की।
जेल प्रशासन की ओर से जेल में गुरुद्वारा साहिब सुशोभित होने का हवाला देकर अंदर ही शादी कराने की अपील की। इसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया। जेल के अंदर बने गुरुद्वारा साहिब में शादी के लिए मनदीप सिंह को छह घंटे बाहर आने की इजाजत होगी। शादी किस दिन होगी, यह तय नहीं हुआ है।
नाभा जेल के सुपरिंटेंडेंट रमनदीप सिंह भंगू ने कहा कि हाईकोर्ट ने जेल के अंदर शादी कराने संबंधी पूछा था, जिस पर सारे प्रबंध पूरे करने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल शादी संबंधी कोई तारीख तय नहीं हुई, लेकिन जेल प्रशासन की तरफ से सारे प्रबंध किए जा रहे हैं।
10 वर्षों से जेल में बंद है गैंगस्टर
हाईकोर्ट की ओर से जिस कैदी की शादी का प्रबंध नाभा जेल में करने के आदेश दिए गए हैं, वह मोगा जिले से संबंधित एक सरपंच व उसके गनमैन के डबल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वह पिछले 10 वर्षों से जेल में बंद है।
हाईकोर्ट की ओर से दिए इस फैसले को कैदियों के सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। समाज सेवकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति शादी के बंधन में बंध जाता है, तो उसके अंदर सुधार की इच्छा और बढ़ जाती है।