हिंदू लड़की को अगवा कर उसे नशीला पदार्थ देकर मस्जिद में निकाह करने के आरोपी की नियमित जमानत याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप इतने गंभीर हैं कि जमानत दी ही नहीं जा सकती। याचिकाकर्ता साबिर ने हाईकोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता की बेटी उससे प्यार करती थी और उन्होंने भाग का निकाह करने का निर्णय लिया था। इसी के चलते वह 18 जुलाई, 2019 को घर से भागे थे।
शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई को समालखा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जिसके चलते याची को गिरफ्तार कर लिया गया। याची ने कहा कि दोनों ने निकाह किया है और शिकायतकर्ता के आरोप गलत हैं। हरियाणा सरकार ने बताया कि लड़की ने अपने बयान में बताया था कि याची ने उसे अगवा किया और इसके बाद उसे जबरन धर्म बदल कर निकाह करने के लिए जबरदस्ती करने लगा। जब वह नहीं मानी तो उसे नशीला पदार्थ दिया।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि भले ही याची के पास निकाह का प्रमाणपत्र है लेकिन शादी की तिथि के बाद लड़की ने अपने बयान दर्ज करवाएं हैं जिससे इस प्रमाणपत्र की जमानत के मामले में कोई अहमियत नहीं रह जाती। हाईकोर्ट ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों की स्थिति में याची को जमानत का लाभ दिया ही नहीं जा सकता।