अभिनेता से नेता बन मोदी सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनने वाली स्मृति ईरानी ने कहा कि देश की शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ऊंचा उठाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की जाएगी।
यह नीति अगले वर्ष जनवरी में लागू कर दी जाएगी। नीति तैयार की जा रही है। इस नई शिक्षा नीति को लागू करने से पहले इस संबंध में सुझाव भी देश की जनता से लिए जाएंगे। ईरानी मंगलवार को अमृतसर में अपने दौरे के दौरान डीएवी कालेज में आयोजित एक सेमिनार के दौरान संबोधित कर रही थी।
स्मृति ईरानी इस दौरान हरिमंदिर साहिब और दुर्ग्याणा तीर्थ में भी माथा टेकने के लिए गईं। हालांकि मीडिया के साथ बातचीत करने से स्मृति कतराती रहीं।
स्मृति ने कहा कि आज देश में बहुत ही प्रतिभा है। इस प्रतिभा को निखारना समय की जरूरत है। इस के लिए शिक्षा नीति में भी बदलाव जरूरी है। इस पर ऊपर काम चल रहा है। इस नीति को तैयार करने के लिए सभी राज्यों के शिक्षा विशेषज्ञों की भी राय ली जा रही है।
स्मृति ने कहा कि आज समाज में औरतों के प्रति दोहरी मानसिकता अपनाई जा रही है। इस मानसिकता को बदलने के लिए अभियान चलाए जाने की जरूरत है। औरतों के ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज हम सब को मिल कर उठानी चाहिए।
इस से पहले स्मृति ने हरिमंदिर साहिब में छबील के झूठे बर्तन साफ करने की सेवा भी निभाई और जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धासुमन भी भेंट किए।