लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए 40 भारतीयों के प्रति गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने भारत सरकार से इन लोगों की स्टेटस रिपोर्ट जारी करने की मांग की है।
उन्होंने प्रत्येक बंधक के परिवार को हर महीने 20,000 रुपये मुआवजा देने में विफल रहे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की निंदा की है। यह मुआवजा सिर्फ एक महीने ही दिया गया।
यहां जारी एक बयान में कैप्टन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का ध्यान बंधकों के परिवारों की हालत के प्रति खींचा है।
उन्होंने इन लोगों के प्रति कुछ अफसरों द्वारा अपनाए जा रहे बेरुखे रवैये का जिक्र करते हुए कहा कि बंधकों के परिवारों ने उनको बताया है कि पंजाब व केन्द्र दोनों के अधिकारियों ने उनके फोन भी उठाने बंद कर दिए हैं।
कैप्टन ने कहा कि इन लोगों को अगवा किए पांच माह हो चुके हैं, इनके बारे में अब तक कुछ पता नहीं चला है। इनको बीती 11 जून को आईएसआईएस ने इराक के मोसुल की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हुए अगवा किया गया था।
उन्होंने बंधकों के रिश्तेदारों के प्रति चिंता प्रकट करते हुए (जिनमें से ज्यादातर पंजाब के हैं) कहा कि वे संसद के चल रहे सत्र में भी यह मुद्दा उठाएंगे।
हालांकि यह भारत सरकार का फर्ज बनता है कि वह रिश्तेदारों को अवगत करवाती रहे और बताए कि इन लोगों को बचाने के लिए क्या किया जा रहा है।
कैप्टन ने कहा कि वे इराक में हालातों की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बादल की भी निंदा की है, जो मामले में आगे बढ़ने की बजाय सिर्फ बंधकों के रिश्तेदारों के साथ फोटो खिंचाने का काम कर रहे हैं।