कई खरीद एजेंसियों ने धान की खरीद के लिए मंडियों में अपने अस्थायी कर्मी नियुक्त किए हैं जो नियमों के विपरीत हैं क्योंकि मंडियों में धान की खरीद संबंधी लाखों रुपयों के बिल पास होते हैं। बताया जा रहा है कि पंजाब एग्रो ने मंडी खाईफेमीकी में कथित तौर पर अपने अस्थायी कर्मी नियुक्त किए हैं।
ऐसे कर्मियों के नियुक्त करने पर लाखों रुपये के धान के खुर्दबुर्द होने की आशंका बनी रहती है। कई एजेंसियों का धान व गेहूं खुर्दबुर्द हुआ है। उधर, पंजाब एग्रो से डीएम सुखमंदरजीत सिंह का कहना है कि उनके विभाग में स्टाफ की कमी है। इसके कारण मंडी में अस्थायी कर्मी नियुक्त किए गए हैं। अस्थायी कर्मी के लाखों रुपये के बिल पर हस्ताक्षर करने की बात पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि नियमों के मुताबिक कोई भी खरीद एजेंसी मंडियों में धान या फिर गेहूं की खरीद के लिए अपने अस्थायी कर्मी नियुक्त नहीं कर सकती है क्योंकि मंडी में धान व गेहूं की खरीद करते समय लाखों रुपये के बिल पास होते हैं। ये एक जिम्मेदारी का कार्य है।
ये किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकता जो विभाग में पक्के तौर पर कार्यरत न हो क्योंकि अस्थायी कर्मी की इतनी जिम्मेदारी नहीं बनती है। इसलिए कई बार मंडी से धान व गेहूं चलता है और गोदामों तक नहीं पहुंचता है। पंजाब एग्रो ने गांव खाईफेमीकी में बने खरीद केंद्र पर अपना अस्थायी कर्मी नियुक्त किया है। इसी तरह कई और मंडियों में अस्थायी कर्मी नियुक्त किए जाने की बात की जा रही है। ऐसे ही कई और खरीद एजेंसियों ने मंडियों में अपने अस्थायी कर्मी नियुक्त किए हैं, जो नियमों के विपरीत है।
फिरोजपुर में 79642 मीट्रिक टन धान की खरीद
फिरोजपुर। जिलेभर में 79642 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। फिरोजपुर छावनी, गुरुहरसहाए, चक कंधे शाह व मुदकी मंडी का दौरा कर रहे कमिश्नर वीके शर्मा ने बताया कि फिरोजपुर में 79642 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसमें से पनग्रेन ने 20090 मीट्रिक टन, मार्कफेड ने 23255 मीट्रिक टन, पनसप ने 15668 मीट्रिक, वेयर हाउस ने 1656 मीट्रिक टन, पंजाब एग्रो ने 4602 मीट्रिक टन, एफसीआई ने 1476 मीट्रिक टन व प्राइवेट व्यापारियों ने 9655 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।