तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन उसकी मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। चंडीगढ़ में शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के आवास पर प्रताप बाजवा समेत पार्टी के सीनियर नेताओं की बैठक हुई।
इसमें पंजाब मामलों के इंचार्ज हरीश चौधरी ने भी शिरकत की और पंजाब में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत पंजाब में आप के साथ सीट शेयरिंग को लेकर हरीश चौधरी से पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप के बीच समझौते का अस्तित्व पहले की तरह मौजूद है और हाईकमान ही अंतिम फैसला करेगा।
उनसे जब पूछा गया कि प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता प्रताप बाजवा आप से किसी भी समझौते का विरोध कर रहे हैं। इसके जवाब में चौधरी ने कहा कि इस बारे में बाजवा के विचार निजी हैं और अंतिम फैसला हाईकमान को ही लेना है।
हालांकि, पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आप के गठबंधन को लेकर, हरीश चौधरी ने बैठक के बाद कहा कि इस विषय पर बैठक के दौरान कोई चर्चा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि बैठक का उद्देश्य आप के साथ समझौते का माहौल तैयार करना भी था, क्योंकि दूसरी तरफ आप की तरफ से यह काम राघव चड्ढा को साैंपा गया है।
शुक्रवार को बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इसमें पार्टी के सभी नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी चार राज्यों में जोरदार प्रचार अभियान के बाद खाता भी नहीं खोल सकी।
कांग्रेस को अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए प्रताप बाजवा
आप से समझौते पर हरीश चौधरी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रताप बाजवा ने कहा है कि वह आज भी अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं। पंजाब कांग्रेस के सभी नेता पहले ही हाईकमान को पंजाब में आप के साथ किसी तरह का समझौता न करने के बारे में अपनी भावनाओं के अवगत करा चुके हैं। पंजाब कांग्रेस के सभी नेता उसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि कांग्रेस को अपने दम पर पंजाब में लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए।
दोनों पार्टियां एक हो गईं तो पंजाब में विरोधी कौनः रंधावा
पूर्व उपमुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बैठक के बाद, कांग्रेस और आप के समझौते के मुद्दे पर कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। अगर दोनों ही एकजुट हो गए तो यहां विरोध करने वाला कोई नहीं बचेगा। वहीं, लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू इस मुद्दे पर हाईकमान के साथ डटकर खड़े हो चुके हैं। उन्होंने बयान दिया था कि जो हाईकमान का फैसला नहीं मानते, वे पार्टी छोड़कर चले जाएं।