आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने मांग की है कि माझा के तीन जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सबसे पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर कत्ल केस दर्ज होने चाहिए। बतौर आबकारी और गृह मंत्री अमरिंदर ही इस संगठनात्मक अपराध के सबसे बड़े आरोपी साबित हो रहे हैं।
गुरुवार को पटियाला दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए भगवंत मान ने मुख्यमंत्री और कांग्रेसी मंत्रियों-विधायकों पर जमकर हमले बोले। इसके साथ ही मान ने एलान किया कि आज के बाद उनकी पार्टी मुख्यमंत्री को ‘कैप्टन’ कहकर संबोधित नहीं करेगी।
मान के मुताबिक भारतीय फौज से लेकर ग्रामीण-शहरी समाज और संस्कृति में कैप्टन (कप्तान) एक बेहद सम्मानयोग शब्द है, परंतु अमरिंदर सिंह इस सम्मानयोग्य शब्द की लाज रखने में असफल साबित हुए हैं। कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर जहरीली शराब के इतने बड़े कहर के बावजूद जो मुख्यमंत्री अपने फार्महाउस से नहीं निकला, वह खुद को कौन से मुंह से ‘कैप्टन’ कहला सकते हैं।
मान ने कहा कि अमृतसर, तरनतारन और बटाला में फैले जहरीले शराब मामले के तार राजपुरा, घन्नौर और खन्ना की नाजायज शराब फैक्टरियों के साथ जुड़ना साबित करता है कि मोती महल के करीबी इस मौत के धंधे में कितनी गहराई में उतरे हैं। आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले की हाईकोर्ट के मौजूदा जज या सीबीआई से समयबद्ध जांच की मांग करती है। इस मौके पर भगवंत मान के साथ डॉ. बलवीर सिंह, हरचंद सिंह बरसट, नीना मित्तल, गगनदीप सिंह चड्ढा, आरपीएस मल्होत्रा, सतबीर सिंह बख्शीवाला, दलवीर सिंह ढिल्लों, चेतन जोड़ेमाजरा, तेजिंदर मेहता, कुंदन गोगिया और प्रीति मल्होत्रा मौजूद रहे।