पंजाब रोडवेज और पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब और पीआरटीसी के ठेका मुलाजिमों की प्रदेश कमेटी के फैसले पर बुधवार को पीआरटीसी के पटियाला डिपो के ठेका कर्मचारियों ने बस स्टैंड के दोनों गेट बंद कर दिए। दोपहर के समय ठेका कर्मचारियों ने पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के घर का भी घेराव किया और नारेबाजी की।
शाम पांच बजे तक बस स्टैंड के दोनों गेट बंद रखने की वजह से बस काफी कम संख्या में चलीं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। ठेका मुलाजिम हरजिंदर गोरा और कुलदीप सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने सभी कच्चे व ठेका मुलाजिमों को पहली ही कैबिनेट में स्थायी करने का वादा किया था।
साढ़े चार साल बीत जाने के बावजूद वादे को नहीं निभाया जा रहा है। जब ठेका कर्मचारी पक्का करने की मांग करते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। एक जुलाई को परिवहन मंत्री के साथ बैठक हुई थी। इसमें पनबस और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों को स्थायी करने का वादा किया था। अब 24 दिन बीत जाने पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
पीआरटीसी व पनबस कर्मियों ने किया प्रदर्शन
बठिंडा में बुधवार को मुक्कमल तौर पर बस स्टैंड बंद कर मुख्य गेट के आगे धरना दे रहे कर्मियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है। ठेका कर्मी रेशम सिंह और संदीप सिंह ने कैप्टन सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले हर विभाग के ठेका कर्मी को पक्का करने का वादा किया गया था। अब सरकार बन जाने के बाद आज तक उन्हें स्थायी नहीं किया गया है।
ठेका कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे अपने परिवारों के साथ विभागों के मुख्य कार्यालयों के आगे धरना देंगे। संगरूर से यूनियन के प्रांतीय नेता जतिंदर सिंह गिल और परमिंदर सिंह टिब्बा ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
चेयरमैन लखविंदर सिंह, चेयरमैन हरप्रीत सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत सिंह व उपप्रधान रणदीप सिंह ने कहा कि पनबस व पीआरटीसी की तीन दिवसीय हड़ताल के संबंध में छह अगस्त को पंजाब भवन चंडीगढ़ में यूनियन की बैठक रखी गई है। अगर बैठक में उनकी मांगों का कोई समाधान न किया तो वह 9, 10 और 11 अगस्त की हड़ताल कर सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ संघर्ष तेज करेंगे।