पुडा भवन में अपने विभिन्न कामों से आने वाले सैकड़ों लोगों को मंगलवार निराश होकर वापिस लौटना पड़ा। ऐसी स्थिति पुडा मुलाजिमों की अनिश्चित कालीन कलम छोड़ हड़ताल से पैदा हुई। इस दौरान मुलाजिम ऑफिस तो आए लेकिन उन्होंने ऑफिस में बिल्कुल भी काम नहीं किया।
यहां तक सिंगल विंडो पर भी लोगों को सुनवाई नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक पुडा मुलाजिम काफी समय से अपनी मांगों को लेकर मैनेजमेंट से मीटिंग कर रहे हैं। यहां तक जब पिछली बार मुलाजिम संघर्ष की राह पर आए थे। तो उस समय मैनेजमेंट ने पुडा की विभिन्न इकाइयों के सीनियर अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई थी।
लेकिन अभी तक भी यह बात सिरे नहीं चढ़ पाई है। पुडा मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी के नेताओं ने बताया कि 15 जनवरी को उनकी पुडा के वाइस चेयरमैन मीटिंग हुई थी।
मीटिंग में कमेटी के कन्वीनर मोहिंदर सिंह मलोआ एवं जरनैल सिंह हाजिर थे। मीटिंग में यह फैसला लिया गया था कि मुलाजिमों के सेवा काल में दो साल तक की वृद्धि कर दी जाएगी।
साथ ही शेष रहती मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई है। इसके चलते उन्हें मजबूरी में संघर्ष की राह पर आना पड़ा है।
आज से भूख हड़ताल शुरू करेंगे मुलाजिम
इस मौके संघर्ष कमेटी को-कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने बताया कि मुलाजिम बुधवार से भूख हड़ताल भी करेंगे। इस दौरान पांच मुलाजिम रोजाना भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
पहले दिन पांच जेई भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इनमें रघबीर सिंह जेई, अमरीक सिंह, भागसिंह, परमजीत सिंह व कृष्णपाल शमिल हैं। उन्होंने बताया कि संघर्ष को रिटायर मुलाजिमों का भी पूरा समर्थन है।
इन मांगों को लेकर हो रहा है संघर्ष
वैसे मुलाजिमों की कई मांगे हैं। लेकिन मुख्य रूप से मुलाजिम प्लॉट और पेंशन स्कीम के लिए अड़े हैं। मुलाजिम सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें सिटी में ही प्लॉट दिए जाएं। भविष्य की योजनाओं के चक्कर में न डाला जाए। मुलाजिम तालमेल कमेटी के को-कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने बताया कि मैनेजमेंट ने देर की तो संघर्ष तेज होगा।
यह काम होंगे प्रभावित
1. एस्टेट आफिस से जुड़े सारे काम
2. अतिक्रमण हटाने का काम बंद
3. जमीन एक्वायर करने का काम लटका
4. इंजीनियरिंग विभाग की प्लानिंग रुकी
5. एकाउंट शाखा का काम रुका
6. पब्लिक हेल्थ काम भी रहा बंद
7. पीडब्लयूडी, इलेट्रिक्ल का काम ठप
1500 मुलाजिम हैं पुडा के
पुडा के करीब 1500 मुलाजिम हैं। अधिकतर मुलाजिम शहर में रहते हैं। इसके अलावा कुछ मुलाजिम पुडा की अन्य इकाइयों में तैनात हैं। वहां भी मुलाजिम संघर्ष की राह पर हैं।
प्रॉपर्टी बाजार भी प्रभावित
पुडा मुलाजिमों की हड़ताल का असर शहर के प्रॉपर्टी बाजार पर भी पड़ना शुरू हो गया है। क्योंकि हड़ताल के चलते प्लॉटों की खरीद-फरोख्त का सारा काम रुक गया है। जब तक काम शुरू नहीं होता है। तब तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।