चंडीगढ़ में साइकिल ट्रैक बने हुए हैं। यहां पब्लिक बाइक शेयरिंग की योजना भी पहले से चल रही थी, लेकिन पंचकूला ने चंडीगढ़ से पहले इस सुविधा को शुरू कर दिया। इससे चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी पर थोड़ा दबाव बढ़ गया। अधिकारियों का मानना है कि चंडीगढ़ और पंचकूला के प्रोजेक्ट में काफी अंतर है। पंचकूला नगर निगम कंपनी को हर साल रुपये देगा, जबकि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी कंपनी से सालाना रुपये लेगा। वहीं चंडीगढ़ में डॉकिंग स्टेशन 670 हैं, वहीं पंचकूला में मात्र 16 ही स्टैंड हैं।
स्मार्ट कार्ड से पांच रुपये घंटा में मिलेगी साइकिल
प्रोजेक्ट के तहत पांच हजार साइकिलें शहर में चलाई जाएंगी। 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना एक दस्तावेज स्टैंड पर जमा करना होगा। इसके लिए एक स्मार्ट कार्ड व एप भी बनाया जाएगा। स्मार्ट कार्ड से साइकिल लेने वाले लोगों को 5 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज होगा। जिनके पास कार्ड नहीं होगा उन्हें 10 रुपये देने होंगे। एप के माध्यम से ऑनलाइन साइकिल भी बुकिंग करा सकेंगे। साइकिल में जीपीएस के साथ ही एक नंबर प्लेट होगी।
वहीं 12 घंटे में साइकिल वापस न आने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्र्ज कराई जाएगी। यह प्रोजेक्ट 15 साल के लिए है। देश में पहली बार एक साथ किसी शहर में इतनी बड़ी संख्या में साइकिलें लाकर प्रोजेक्ट लांच किया जा रहा है।
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