प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी के फैसले पर जनता की मोहर लग ही गई। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली है। पार्टी ने 26 में से 21 सीटों पर अपना परचम लहराया, वहीं कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ हो गया।
दूसरी ओर नगर निगम चुनावों में बीजेपी की जीत इसलिए अहम है, क्योंकि नोटबंदी के बीच लोगों ने पार्टी में अपना विश्वास जताया। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चंडीगढ़ चुनाव में बीजेपी की ये जीत सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस के लिए बड़ा धक्का है।
गौरतलब है कि शुरुआत से ही जीत रुझान भाजपा की तरफ था, इससे साफ जाहिर हो गया कि नोटबंदी का कोई भी असर मतदाताओं पर नहीं पड़ा। भाजपा अकाली गठबंधन ने 21 सीट पर जीत दर्ज करके यह साबित कर दिया है।
इस परिणाम से कांग्रेस पार्टी की जमकर किरकिरी हो गई। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि लोग नोटबंदी से इतने परेशान नहीं है, जितना विरोधियों ने मुद्दे को भुनाया।
बड़ी जीत हासिल करने वालों में सूद का नाम
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
बीजेपी की तरफ से जीत हासिल करने वालों में प्रमुख नाम बीजेपी मेयर अरुण सूद का भी है। वार्ड नं 4 से बीजेपी की सुनीता धवन जीतीं। उन्होंने पूर्व मेयर और चंडीगढ़ कांग्रेस की सीनियर लीडर पूनम शर्मा को हराया। कुल 122 उम्मीदवार मैदान में थे।
मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही था। शुरुआती रुझानों से ही बीजेपी आगे चल रही थी। जीत पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन कहते हैं कि शहर के मतदाताओं ने भाजपा के हक में वोट करके साबित कर दिया है कि वह मोदी सरकार के फैसले के साथ है।
उनका कहना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में भी अकाली भाजपा गठंबंधन इसी तरह से बड़े मार्जन से चुनाव जीतेगा। इस जीत पर चंडीगढ़ से बीजेपी सांसद किरन खेर ने कहा कि जनता हमारे काम से खुश है।
हमने पीएम मोदी की योजनाओं को अमली जामा पहनाया और लोग इससे खुश हैं। लोगों ने महसूस किया कि नोटबंदी की कवायद देश की बेहतरी के लिए है।
कांग्रेस के कई दिग्गज नेता हार गए
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
शुरुआत से ही भाजपा के पक्ष में इस तरह की लहर चली कि कांग्रेस के दिग्गज नेता भी हार गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा की पत्नी भी चुनाव हार गई। जबकि कांग्रेस सिर्फ चार सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई है। यहां तक चुनाव में बाहरी और लोकल उम्मीदवार भी नहीं चला। भाजपा ने 11 बाहरी उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमे से भाजपा ने 10 सीटे जीती है।
भाजपा ने इतने बड़े मार्जन से जीत दर्ज करके पंजाब विधानसभा में भी मैसेज देने का प्रयास किया है। इसके बाद अगले साल फरवरी माह में पंजाब विधानसभा में चुनाव होने हैं ऐसे में भाजपा के नेताओं के हौसल्ले बुलंद हो गए हैं। बता दें कि चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 36 सीटें होती हैं जिनमें से 26 सीटों पर चुनाव होता है जबकि 9 सदस्यों को पंजाब के राज्यपाल, जो चंडीगढ़ के प्रशासक भी होते हैं, वह नॉमिनेट करते हैं।
चंडीगढ़ का सांसद 10वां सदस्य होता है और इस तरह कुल मिलाकर नगर निगम के 36 सदस्य होते हैं। कांग्रेस और भाजपा ने सभी 26 वार्डों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि बसपा ने 17 वार्डों में अपने उम्मीदवार को उतारा। इसके अलावा 67 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।
सभी 26 सीटों पर नतीजों पर एक नजर, देखिए
भाजपा की जीत का जश्न
- फोटो : अमर उजाला
सभी 26 सीटों के नतीजे साफ हो गए हैं। बीजेपी और अकाली दल को 21 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस महज़ 4 सीटों पर सिमट गई। एक सीट निर्दलीय की झोली में गई है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने वार्ड नंबर 1, 2, 3, 7, 11, 12, 13, 17, 21, 22, 23, 24, 25 और 26 से जीत दर्ज की है। भाजपा के सहयोगी दल अकाली दल ने वार्ड 10 की सीट जीती है।
कांग्रेस ने वार्ड नंबर 5, 9, 15 और 18 की सीटें जीती हैं। वार्ड नंबर एक से भाजपा के उम्मीदवार महेश इंदर सिंह सिंधु जीते हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 324 वोटों के अंतर से हराया। महेश इंदर सिंह को कुल 3060 वो मिले और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के उम्मीदवार एच लकी को 2737 मत मिले।
वार्ड नं 2 से भाजपा की राजबाला मलिक 966 वोटों से जीतीं। राजबाला मलिक को कुल 3883 वोट मिले और उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी दीपा दुबे को 2917 वोट प्राप्त हुए। वार्ड नंबर तीन से भी भाजपा के रवि कुमार ने जीत दर्ज की है। यहां से उन्होंने चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा की पत्नी रितु छाबड़ा को हराया।
वार्ड सात से भाजपा के राजेश कालिया को जीत मिली है। वार्ड नं 17 से भाजपा की आशा जैसवाल ने जीत का परचम लहराया। उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी को 1700 वोटों से हराया। वार्ड नं 21 से भाजपा के गुरप्रीत ढिलों ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 262 वोटों से हराया।
वार्ड नंबर 10 से भाजपा के सहयोगी दल अकाली दल हरदीप सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को 2215 वोटों से हराया। हरदीप सिंह को कुल 5494 वोट मिले और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के जसबीर सिंह बंटी को 3179 वोट मिले।
इन सभी में वार्ड में भी भाजपा की जीत
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव
वार्ड नंबर 11 से भी भाजपा के उम्मीदवार ने बाजी मारी। यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सतीश कुमार ने कांग्रेस के गुरमीत सिंह को 463 वोट से हराया। सतीश को 2957 वोट मिले और गुरमीत को 2494 वोट प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर 13 से भाजपा की हीरा नेगी ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 22 में भी भाजपा की जीत हुई है। यहां से भाजपा के देवेश मोदगिल ने 1975 वोटों से जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 24 में भी भाजपा ने जीत दर्ज की है। यहां से भाजपा के अनिल दुबे ने 5000 वोटों से जीत दर्ज की।
वार्ड नंबर पांच से कांग्रेस की शीला देवी ने 1861 वोटों से जीत दर्ज की है। शीला देवी को कुल 5633 वोट मिले। यहां से दूसरे स्थान पर रही अकाली दल की उम्मीदवार को 3772 वोट ही मिले।
वार्ड नंबर नौ से भी कांग्रेस उम्मीदवार ने बाजी मारी। यहां से कांग्रेस गुरबख्श रावत ने जीत दर्ज की। गुरबख्श रावत को कुल 5178 वोट मिले और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंद्रजीत कौर को 3195 वोट प्राप्त हुए।
वार्ड नंबर से 18 से कांग्रेस की जीत हुई है। यहां से कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला ने विजयी हुए हैं। वार्ड नंबर 15 से भी कांग्रेस को जीत मिली है। कांग्रेस की रविंदर कौर ने यहां से जीत दर्ज की है।