सेमेस्टर एग्जाम को लेकर पीयू पंजाब सरकार के आदेशों का पालन करेगा। इसके साथ वह यूजीसी की गाइडलाइन भी देखेगा। पंजाब सरकार का आदेश इसलिए मानना पीयू की मजबूरी होगी, क्योंकि पीयू में पंजाब के सर्वाधिक स्टूडेंट्स शिक्षा लेने आते हैं। वहीं, पंजाब क्षेत्र में पीयू के सर्वाधिक कॉलेज हैं। सूत्रों का कहना है कि छात्रों को बिना एग्जाम के प्रमोट करने की संभावनाएं अब बढ़ गई हैं।
मई व जून में हर साल होने वाली सेमेस्टर परीक्षाएं कोरोना के कारण आज तक नहीं हो पाईं। पीयू ने परीक्षाओं को लेकर कई प्लान तैयार किए लेकिन लॉकडाउन के कारण सब प्रभावित हो गए। कोई भी प्लान सटीक नहीं बैठ पाया। क्योंकि कोरोना लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परीक्षा की भी गई तो छात्रों को खतरा हो सकता है।
यह भी पढ़ें- खुलासा: घरवालों को नींद की गोली देकर युवकों से मिलने आई थीं युवतियां, फिर हुई दो पुलिसवालों की हत्या
इसी बीच पंजाब सरकार ने शनिवार को कॉलेजों व विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। पंजाब के अधीन पीयू आता है। साथ ही यह राज्य का विश्वविद्यालय भी माना जाता है। ऐसे में पंजाब सरकार के अधिकांश आदेश इस पर लागू होते हैं।
पीयू ने माना है कि वह परीक्षा को लेकर सरकार के आदेशों का पालन करेगा लेकिन यूजीसी की गाइडलाइन को भी वह देखेगा। क्योंकि यूजीसी के जरिये पीयू को तमाम फंड आदि मिलते हैं। शिक्षकों की सैलरी भी केंद्र सरकार से मिलती है। सूत्रों का कहना है कि अब परीक्षा की संभावनाएं कम हो गई हैं। छात्रों को सीधे प्रमोट करने की बारी आने वाली है। हालांकि, उसका भी कोई न कोई आधार बनाया जाएगा।