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पीयू वीसी ने आरक्षित सीटों पर दाखिले की दी अनुमति

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने यूआईईटी और यूआईसीईटी में आरक्षित सीटों पर दाखिले की अनुमति दे दी है। इसे लेकर पीयू के प्रो. एसके तोमर का अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में फैसला लिया गया।
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समिति की बैठक में भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, रजिस्ट्रार सीए विक्रम नैय्यर, जैव रसायन विभाग के प्रो. रजत संधीर, यूआईईटी के प्रो जतिंदर गोस्वामी, यूआईसीईटी के प्रो. अमृतपाल और कुलपति के सचिव प्रो. दविंदर सिंह शामिल रहे।
समिति ने विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में अतिरिक्त आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान ज्वाइंट एडमिशन कमेटी की सिफारिशों का भी अवलोकन किया गया। समिति ने विभिन्न आरक्षिक श्रेणियों ग्रामीण क्षेत्र, सीमावर्त्ती क्षेत्र, एकल बालिका, कश्मीरी प्रवासी/विस्थापित, कैंसर रोगी, एड्स रोगी, थैलेसीमिया, शहीदों और कारगिल श्रेणी और विकलांग श्रेणी पर आए आवेदनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान फैसला लिया गया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए अनुमोदित सीटों और आरक्षित सीटों का पिछले वर्षों में गवर्निंग बॉडी की तरफ से जो फैसला था, सत्र 2021-22 के दाखिला प्रवेश में भी उसका पालन किया जाएगा। ऐसे नए प्रावधानों को हिना सीनेट-सिंडीकेट की पूर्व स्वीकृति केबिना लागू नहीं किया जा सकता है। गवर्निंग बॉडी की ओर से वर्ष 2016 में आरक्षित सीटों पर दाखिले करने के फैसले का पालन इस सत्र में भी किया जाएगा।
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उम्मीदवारों को दाखिले के लिए दिया जाएगा हफ्ते का समय
इन आरक्षित सीटों में दाखिले के लिए नए सिरे से आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सात दिन का समय दिया जाएगा। जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन कर दिया है, उन्हें श्रेणियां बदलने की अनुमति दी जाएगी। कोर्स में प्रवेश पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमानुसार मेरिट के आधार पर ही किए जाएंगे।
एसएफएस ने आरक्षण नीति को लागू करने की रखी मांग
एसएफएस के कार्यकर्ताओं ने बताया कि विद्यार्थियों की मांग पर यूआईईटी और यूआईसीईटी में आरक्षित सीटों पर दाखिले का फैसला दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र और एकल बालिका (सिंगल गर्ल) वाले उम्मीदवारों को फायदा होगा। पीयू को आरक्षण नीति को पूरी तरह लागू करना चाहिए। केंद्र सरकार के अनुसार एससी की 15 प्रतिशत और ओबीसी की 27 प्रतिशत, पंजाब सरकार की ओर से एससी की 25 प्रतिशत और बीसी की 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, लेकिन पीयू की ओर से एससी की 15 प्रतिशत और बीसी की 5 प्रतिशत सीटों पर ही आरक्षण दिया गया है।
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