चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की 133 वर्ष पुरानी लाइब्रेरी को वीरवार को डिजिटल किया गया। डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन डीयूआई प्रो. सुशील तोमर ने किया। पीयू में यह लाइब्रेरी वर्ष 1889 में लाहौर में कानून विभाग की शुरुआत के साथ ही शुरू की गई थी। वर्ष 1959 से लाइब्रेरी वर्तमान चंडीगढ़ परिसर में स्थापित है। अब कानून विभाग के विद्यार्थी एप्लीकेशन कोहा के जरिए किताबों और दस्तावेजों को पीयू से बाहर रहकर भी पढ़ सकते हैं। इसका फायदा पीयू के सभी कानून विभाग के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को मिलेगा।
पीयू डिपार्टमेंट ऑफ लॉ के अध्यक्ष प्रो. दविंदर ने बताया कि विभाग लाइब्रेरी को डिजिटल करने की प्रक्रिया पर पिछले छह माह से काम कर रहा था। इसका मकसद विद्यार्थियों को पीयू में नहीं रहने पर किताबों और जरूरी लिखित दस्तावेजों तक पहुंचाना था, जिससे उनकी पढ़ाई और शोध प्रभावित नहीं हो। कोरोना महामारी के कारण इसकी मांग और अधिक बढ़ गई थी। विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी के लिए लॉगिन आईडी और पासवर्ड दे दिया गया है। विद्यार्थी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। उद्घाटन समारोह में विभाग अध्यक्ष प्रो. दविंदर के साथ प्रो. परमजीत कौर, प्रो. सुपिंदर कौर, प्रो. ज्योति रतन, डॉ. दिनेश कुमार और विभाग के अन्य वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। डीयूआई प्रो. तोमर ने विभाग को इस पहल के लिए बधाई दी। इसके साथ एसी जोशी लाइब्रेरी के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. नीरज कुमार के प्रयासों की सराहना की। डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की लाइब्रेरी देश की पहली विभागीय लाइब्रेरी है।
47400 से अधिक किताबों को किया डिजिटलाइज
कानून विभाग की ओर से 47400 से अधिक किताबों, हस्तलिपि को डिजिटलाइज किया गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट के निर्णयों, ई-लॉ बुक्स, अन्य दस्तावेज जैसे मनुपात्रा, लेक्किस एडवांसेस, थोमसन रियूटर्स प्रोव्यू, कैब्रिंज यूनिवर्सिटी प्रेस, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस पैकेज इत्यादि भी विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी में मिलेंगे। इसके साथ ही विभाग को संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेजों के लिए 9000 से अधिक संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक दस्तावेजों के साथ डिपॉजिटरी लाइब्रेरी होने का गौरव प्राप्त है।