चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 599.74 करोड़ का बजट प्रस्ताव यूजीसी को भेज दिया है। पहली बार यह प्रस्ताव सिंडिकेट की मंजूरी के बिना भेजा गया है। हालांकि, सिंडिकेट का कार्यकाल खत्म है और नई सिंडिकेट का गठन नहीं हुआ। ऐसे में बोर्ड ऑफ फाइनेंस के प्रस्ताव को ही आगे बढ़ा दिया गया। इस बार बजट में 44 करोड़ की बढ़ोतरी की गई और संशोधित बजट भी 566 करोड़ किया गया है। संशोधित बजट की बढ़ी रकम इसी माह में मिलेगी और खर्च भी होगी। क्योंकि यह रकम वर्ष 2020-21 के बजट में शामिल हुई है।
पीयू ने जनवरी में बजट को दी थी मंजूरी
पीयू ने इस बार के लिए तैयार किए गए बजट में अधिकतर चीजों पर ज्यादा रकम खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। कुछ कार्यों का बजट कम भी हुआ है। बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक जनवरी में हुई थी। इसमें वीसी प्रो. राजकुमार, रजिस्ट्रार विक्रम नैयर, सदस्य डॉ. मनोज अरोड़ा आदि शामिल हुए थे। बोर्ड ऑफ फाइनेंस में बजट को मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव सिंडिकेट के पास जाता, लेकिन इस बार पीयू में सिंडिकेट नहीं है। बजट में इस साल केंद्र सरकार वेतन आदि के लिए 262.34 करोड़ देगी। लगभग 34 करोड़ पंजाब सरकार से आएंगे। इसके साथ ही 291 करोड़ की रकम पीयू अपने संसाधनों के जरिए जुटाएगी। इस तरह पूरा बजट 599 करोड़ का रहेगा।
291.97 करोड़ पीयू यहां-यहां से जुटाएगी
150 करोड़ : परीक्षा शुल्क से
62 करोड़ : सेल्फ फाइनेंस से
14..75 करोड़ ट्रेडिशनल टीचिंग विभागों से
14.50 करोड़ : यूसोल विभाग से
23 करोड़ : सीईटी शुल्क से
11.50 करोड़ छात्रावासों से
4.47 करोड़ : स्पोर्ट्स से
10.50 करोड़ रुपये : अन्य साधनों से
पीयू यहां पर खर्च करेगी रकम
366.37 करोड़ रुपये वेतन पर
27 करोड़ रिटायरमेंट बेनिफिट पर
94 करोड़ पेंशन पर
10.16 करोड़ बुक्स और जर्नल पब्लिकेशंस पर
4.89 करोड़ स्कॉलरशिप व फेलोशिप पर
34.33 करोड़ परीक्षाएं कराने पर
11.87 करोड़ रुपये रिपेयरिंग पर
पीयू को कम हुई आय
पीयू फीस आदि के जरिए अच्छी रकम जुटाती है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण फीस की रकम अधिक नहीं आ सकी। विद्यार्थियों को भी फीस आदि को लेकर राहत दी गई है। साथ ही कुछ अन्य छात्रवृत्ति की योजनाएं शुरू की हैं। सूत्रों का कहना है कि पीयू ने बजट जरूर तैयार किया है, लेकिन आमदनी पीयू की अपने संसाधनों से कम होगी। क्योंकि अभी विभागीय कैंटीन, स्टूडेंट सेंटर की कैंटीन आदि नहीं खुली हैं। इनका किराया पीयू के खजाने में नहीं पहुंचेगा। कई अन्य मदों का पैसा भी अभी फंसा हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में पास हुए बजट का प्रस्ताव यूजीसी को भेजा गया है। पीयू का बजट यूजीसी मुख्य बजट में शामिल करेगी। साथ ही निर्धारित राशि जो सरकार से मिलती है, वह समय-समय पर मिलेगी।
- विक्रम नैयर, रजिस्ट्रार, पीयू