चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को रिसर्च के लिए बजट चाहिए लेकिन अभी केंद्र से यह मिल नहीं रहा है। उम्मीद है कि अगस्त में पीयू को केंद्र सरकार से अच्छा-खासा रिसर्च बजट मिल सकता है। पीयू की ओर से मांग भी की जा रही है ताकि संबंधित मंत्रालयों को इसका ध्यान भी रहे।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान यानी रूसा के तहत पंजाब विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने रिसर्च के लिए 140 प्रोजेक्ट तैयार किए थे। बेहतर प्रोजेक्ट होने के कारण केंद्र सरकार ने इन प्रोजेक्ट को रकम देने के लिए हामी भरी और पीयू को 50 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दे दी। जनवरी व फरवरी में रकम आनी ही थी कि कोरोना की दस्तक हो गई। इसके बाद से यह रकम पेंडिंग होती गई। रिसर्च प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में रह गए। वहीं दूसरी ओर प्रोजेक्ट बनाने वाले शिक्षक भी रकम का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि रकम से ही रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू होगा।
सूत्रों का कहना है कि पीयू को आश्वासन मिला है कि अगस्त में यह रकम मिल जाएगी। हालांकि स्थिति केंद्र सरकार के खजाने के अनुरूप हुई तो ही पैसा मिलेगा। विपरीत परिस्थितियों में फिर देरी हो सकती है। हालांकि केंद्र सरकार रिसर्च आदि के लिए बजट जारी कर रही है इसलिए पीयू को पूरी उम्मीद है कि पैसा जल्द मिलेगा और रिसर्च प्रोजेक्ट गति पकड़ेंगे।