चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय फिलहाल स्नातक के विद्यार्थियों को कैंपस नहीं बुलाएगा। इसका एक कारण ऑनलाइन परीक्षा कराने की घोषणा है और दूसरा कारण कोरोना के नए वायरस का आगमन है। उम्मीद है कि अब नए साल में परीक्षा समाप्ति के बाद ही कैंपस पूरी तरह खुलेगा। हालांकि तब तक हालात कोरोना से सामान्य रहे तो ही छात्र कैंपस आएंगे।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद देश के तमाम शिक्षण संस्थान पूरी तरह खुल गए। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गईं लेकिन पीयू ने अपने दरवाजे स्नातक विद्यार्थियों के लिए नहीं खोले जबकि स्कूल-कॉलेज सभी खुले हैं। इसी बीच दिसंबर की सेमेस्टर परीक्षाएं ऑफलाइन कराने की घोषणा हो गई। इसका विरोध हुआ तो फिर से ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने की घोषणा कर दी गई। हालांकि पहले छात्र मांग कर रहे थे कि कैंपस खोला जाए। पीयू पर इसका असर भी हुआ और तेजी से विभाग खोले जा रहे थे। स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाने को लेकर योजना बन रही थी जो अब रुक गई। सूत्रों का कहना है कि यदि कोरोना से हालात ठीक रहे तभी पीयू अब स्नातक छात्रों को नए वर्ष में बुलाने की हिम्मत जुटा पाएगी।
पीयू पहले जाग जाती तो पढ़ाई का नुकसान किया जा सकता था पूरा
पीयू के वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि कोरोना ने पूरे देश को नुकसान पहुंचाया है। पढ़ाई भी काफी बाधित हुई, लेकिन दूसरी लहर के बाद तमाम शिक्षण संस्थान खुले और उन्होंने हुए नुकसान की पूर्ति के लिए रास्ते निकाले। रात-दिन काम किया, लेकिन पीयू ने केवल शोधार्थियों को ही बुलाया। परास्नातक के विद्यार्थियों को भी पिछले माह से बुलाने का काम शुरू हुआ। ऐसे में पीयू ने देरी कर दी। अब तीसरी लहर सामने है। शिक्षकों का तर्क है कि पीयू ने दूसरी लहर के बाद कैंपस न खोलकर गलती की। इससे छात्रों का और नुकसान हुआ। यदि कैंपस खुल जाता तो पीयू की परीक्षाएं ऑफलाइन करवाई जा सकती थी, लेकिन योजना हवा में बनाई गई। पढ़ाई ऑनलाइन चलाई गई और परीक्षा ऑफलाइन ले रहे हैं, तभी छात्रों ने भी विरोध दर्ज किया।
पीजी की कुछ कक्षाएं ऑनलाइन ही चल रहीं
पीयू ने विज्ञान संकाय के अलावा अन्य संकाय के पीजी अंतिम वर्ष के छात्रों को कैंपस बुला लिया है। छात्र प्रयोगशालाओं में जा रहे हैं, लेकिन कुछ कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन ही चल रही है जबकि उन्हें ऑफलाइन कक्षाओं के जरिए ज्ञान बांटा जाना चाहिए। यह बात पीयू प्रशासन को कुछ छात्रों ने भी बताई है। हालांकि शिक्षक अपने टाइमटेबल के मुताबिक विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं।