चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्ध चंडीगढ़ और पंजाब के कॉलेजों में इस सत्र (2023-24) से फीस बढ़ जाएगी। सीनेट की बैठक में शनिवार को फीस बढ़ोतरी के एजेंडे को हरी झंडी दे दी गई। पारंपरिक पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम और एमएससी की फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वहीं कॉलेजों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों (सेल्फ फाइनेंस कोर्स) में 12.5 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान कई सीनेट सदस्यों ने फीस बढ़ोतरी का विरोध भी किया। कॉलेजों में एडमिशन फीस, लेट फीस और ट्यूशन फीस में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस कैटेगरी) के विद्यार्थियों को फीस बढ़ोतरी से छूट रहेगी, उन्हें पुराने सत्र के अनुसार ही फीस जमा करवानी होगी। बैठक में फीस बढ़ाने का एक तर्क कॉलेज/मैनेजमेंट की ओर से सातवें वेतनमान के अनुसार, तनख्वाह जारी करने का दिया गया।
पंजाब में यूजी-पीजी कोर्स का फीस स्ट्रक्चर
छात्रों को बीए के लिए 13820 रुपये प्रति वर्ष, बीकॉम के लिए 25207 रुपये प्रति वर्ष और बीएससी के लिए 15558 रुपये प्रति वर्ष का शुल्क देना होगा। वहीं एमए के लिए 19442 रुपये प्रति वर्ष, एमकॉम के लिए 25643 रुपये प्रति वर्ष और एमएससी के लिए 22800 रुपये प्रति वर्ष शुल्क देना होगा।
चंडीगढ़ के कॉलेजों में यूजी-पीजी कोर्स का फीस स्ट्रक्चर
बीए के लिए 16029 रुपये प्रति वर्ष, बीकॉम के लिए 24176 रुपये प्रति वर्ष और बीएससी की 17720 रुपये प्रति वर्ष का शुल्क रहेगा। वहीं, एमए के लिए 18802 रुपये प्रति वर्ष, एमकॉम के लिए 24620 रुपये प्रति वर्ष और एमएससी के लिए अब 22160 रुपये प्रति वर्ष का शुल्क देना होगा।
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों फीस स्ट्रक्चर
चंडीगढ़ और पंजाब के कॉलेजों में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में सत्र 2023-24 से 12.5 प्रतिशत की फीस बढ़ोतरी की जा रही है। इसके बाद कॉलेजों में बीबीए की सालाना फीस 35497 रुपये, पीजीडीएमएम/पीजीडीपीएम /एलडब्ल्यू /पीडीजीएमसी /पीजीडीसीए की फीस 26179 रुपये, बीसीए की फीस 42155 रुपये, बीएससी (बायोटेक ऑनर्स) की फीस 42155 रुपये, एमएससी आईटी की फीस 55767 रुपये, एमएससी बायो टेक्नोलॉजी की फीस 68723 रुपये और एमएससी बायो इन्फार्मेटिक्स की फीस 68723 रुपये रहेगी।
यूबीएस, यूआईपीएस, यूआईसीईटी व लॉ की फीस 15 नहीं अब 10 फीसदी बढ़ेगी
पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस), यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युस्टिकल साइंसेज (यूआईपीएस), डॉ. एसएस भटनागर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल एंड टेक्नोलॉजी (यूआईसीईटी) और डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की फीस में पहली बार अन्य पारंपरिक पाठ्यक्रमों से अलग 15 प्रतिशत की फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर सीनेट सदस्यों के विरोध के बाद पीयू वीसी ने 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी वापस ले ली। अब इनमें 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर-लैब डेवलपमेंट फंड के तौर पर 10 हजार रुपये की फीस भी माफ कर दी गई। सीनेट सदस्यों ने विद्यार्थियों पर फीस बढ़ोतरी का दबाव डालने की बजाय पीयू को फंड जुटाने के लिए अन्य उपाय तलाशने को कहा। सीनेटरों ने सुझाव दिया कि पीयू अपने एलुमनी सेल को मजबूत कर उनका सहयोग ले सकती है। वहीं पीयू को परिसर में एनआरआई छात्रों की संख्या को बढ़ाने का सुझाव दिया ताकि ज्यादा राजस्व मिल सके।
पीयू सीनेट की ओर से फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। इसमें स्ववित्तपोषित फाइनेंस कोर्सेज में 7.5 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। इसमें अधिकतम 7500 रुपये तक फीस बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पारंपरिक पाठ्यक्रमों में 500 रुपये प्रतिवर्ष फीस बढ़ोतरी की जाएगी।
ऑनगोइंग कोर्स में होगी 5 फीसदी फीस बढ़ोतरी
पीयू में ट्रेडिशनल कोर्स में दूसरे साल में आने के बाद छात्र की फीस में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही 500 रुपये प्रति वर्ष ट्रेडिशनल कोर्स के डिपार्टमेंट में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए फीस ली जाएगी। इसी तरह सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज में भी दूसरे वर्ष में आने के बाद छात्र की फीस में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। हालांकि, यह फीस भी 7500 रुपये से अधिक नहीं बढे़गी। इसके अलावा ऑनगोइंग कोर्सेज (सेल्फ फाइनेंस और ट्रेडिशनल कोर्स) में 5 प्रतिशत की फीस बढ़ोतरी की जाएगी।