चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव के नामांकन की जांच के दौरान एक छात्र ने कर्मचारी पर उपनाम का मजाक बनाने का आरोप लगाया है। अंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम (एएसएफ) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
एएसएफ के अनुसार जब सीनेट सदस्य और संगठन के संयोजक गुरदीप सिंह के नामांकन पत्र की जांच हो रही थी, तब प्रस्तावक का नाम रमनिक प्रोचा था। आरोप है कि वहां मौजूद एआर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) ने उनके उपनाम को लेकर मजाक किया और कहा कि इसमें से आर हटा देना चाहिए और इसे पोचा कहा जाना चाहिए। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोग हंसने लगे।
गुरदीप सिंह ने मौके पर ही इस टिप्पणी का विरोध किया और रजिस्ट्रार वाईपी वर्मा सहित अन्य अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई। एएसएफ का कहना है कि इसके बाद संबंधित एआर ने सभी के सामने तीन बार माफी मांगी। एएसएफ ने कहा कि विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति के नाम, जाति या पहचान का मजाक न बनाया जाए। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के एक कर्मचारी ने अपने सहकर्मी के लिए जातिसूचक टिप्पणी की थी। इसके अलावा मुख्य सुरक्षा अधिकारी पर भी एक दलित छात्र नेता के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन इन दोनों मामलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।