पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध 196 कॉलेजों में हजारों स्टूडेंट री- अपीयर आए हुए हैं, लेकिन उनके भविष्य की किसी को चिंता नहीं है। उन्हें प्रमोट किया जाएगा या परीक्षा ली जाएगी, इसको लेकर अभी तक किसी का निर्णय सामने नहीं आया है। स्टूडेंट काउंसिल के पूर्व सचिव तेगबीर सिंह ने डीयूआई से मुलाकात की और छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने जल्द ही इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
पीयू में इस बार भी 500 से अधिक छात्रों की री अपीयर आई है। यह स्टूडेंट किसी न किसी विषय में फेल हुए हैं। इनको पीयू अगले साल एग्जाम देने के लिए अनुमति देता है। एग्जाम के जरिए यह अगली कक्षाओं में पहुंच जाते हैं। इस बार नजारा कुछ अलग है। परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। कोरोना वायरस के चलते सामान्य स्टूडेंट्स की भी परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। फाइनल ईयर स्टूडेंट्स की भी परीक्षा को लेकर निर्णय आना बाकी है।
यह छात्र तो परेशान हैं ही, इनके साथ ही री-अपीयर वाले स्टूडेंट और अधिक परेशान हैं। एनएसयूआई ने यह मुद्दा उठाया है। पूर्व सचिव स्टूडेंट काउंसिल तेजबीर सिंह और एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने यह बात अधिकारियों तक पहुंचाई है। उन्होंने कहा है कि छात्र परेशानी में हैं। उनके जेहन में तमाम सवाल हैं, जिनका जवाब देना बहुत जरूरी है, इसलिए इस मामले पर जल्द से जल्द निर्णय किया जाए।