चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएसयू ललकार की ओर से मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। इसमें छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर रोक लगाने वाले अलोकतांत्रिक हलफनामे को वापस लेने, परिसर में पुलिस की स्थायी तैनाती पर प्रतिबंध, पिछले 10 महीनों से विलंबित सीनेट चुनाव कराने, फीस वृद्धि पर रोक, सभी जरूरतमंदों के लिए हॉस्टल, नियमित फीस के साथ नए हॉस्टलों का निर्माण, शिक्षकों संकाय के 653 खाली पदों को भरवाने का मुद्दा शामिल हैं।
वर्तमान में यूजीसी के स्वीकृत 1334 पदों में से केवल 681 पद भरे होने का मामला भी शामिल किया गया है। इसके अलावा पीयू में गाड़ियों पर बैन, गैर जेआरएफ विद्वानों को छात्रवृत्ति, साउथ कैंपस में अलग पुस्तकालय की सुविधा देने को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कैंपस में चल रही गठजोड़ को तोड़ने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। क्योंकि पीयू प्रशासन, प्रमुख राजनीतिक दलों और उनके कठपुतली छात्र संगठनों का गठजोड़ ही पीयू की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है।