जीएमसीएच-32 से रेफर मरीज को पीजीआई में दाखिल नहीं करने से धनास के लोगों में गुस्सा है। उन्होंने पीजीआई प्रशासन के रवैये के खिलाफ धनास में नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में शामिल प्रदीप ने बताया कि नगमा धनास की रहने वाली है। उसके माता-पिता मजदूर हैं। उसके पैर में ट्यूमर हो गया था और उसका इलाज जीएमसीएच-32 के ऑर्थोपीडिक्स डिपार्टमेंट में चल रहा था।
पिछले हफ्ते उसे जीएमसीएच-32 से पीजीआई रेफर कर दिया गया था। नगमा के माता-पिता उसे लेकर आए, लेकिन पीजीआई में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने उसे एडमिट करने से मना कर दिया। वे लगातार पीजीआई जा रहे हैं, लेकिन उसे डॉक्टर दाखिल नहीं कर रहे हैं। दूसरी तरफ नगमा के पैर में दर्द बढ़ता जा रहा है। इसे वह सहन नहीं कर पा रही है।
नगमा के अभिभावक उसे वापस जीएमसीएच-32 ले गए, लेकिन वहां भी एडमिट करने से मना कर दिया गया। नगमा व उसके अभिभावकों का दर्द आसपास के लोगों से देखा नहीं गया और उन्होंने धनास में पीजीआई प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कोट
पीजीआई के डाक्टर उन्हें एडमिट करने से मना नहीं कर सकते। मरीज से बात करने पर ही पता चलेगा कि आखिर मामला क्या था। मरीज को मेरे पास पीजीआई भेज दें, मैं देख लूंगा कि आखिर क्यों नहीं दाखिल किया गया।
डॉ. अशोक, पीजीआई के कार्यवाहक प्रवक्ता