लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में किसानों और उनके समर्थकों ने सोमवार को सेक्टर-17 स्थित उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ का कार्यालय घेर लिया। किसान तीन घंटे तक उपायुक्त कार्यालय के बाहर डटे रहे। इस दौरान पुलिस से टकराव हुआ। कुछ किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। बाद में किसानों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
नौजवान किसान एकता चंडीगढ़ और बीकेयू चढूनी व टिकैत के पदाधिकारियों के अलावा शहर के चौक-चौराहों पर किसानी झंडा लिए खड़े रहने वाले समर्थक घेराव में शामिल होने पहुंचे थे। उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। यहां किसान नेताओं और समर्थकों ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाए। घेराव के बाद किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
नौजवान किसान एकता चंडीगढ़ और बीकेयू चढूनी चंडीगढ़ इकाई के प्रधान किरपाल सिंह और प्रतीक मान ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही लखीमपुर खीरी घटना के दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो। इस मौके पर बाबा लाभ सिंह, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा, डॉ. प्यारे लाल गर्ग, सतनाम सिंह टांडा, प्रोफेसर मनजीत सिंह, गुरचरणजीत सिंह काला, राजकौर गिल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किरपाल सिंह ने बताया कि धरने में नौजवान किसान एकता, बीकेयू चढ़नी और टिकैत, पेंडू संघर्ष कमेटी, पीएसयू ललकार, किसान एकता मटका चौक, केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा, एसएफएस, एसओआई, एएसए, निष्काम सेवा जत्था चंडीगढ़, पंजाबी जागरण मंच, मुस्लिम भाईचारा सोसाइटी, एआईकेएफ, कुल हिंद मिशन सभा, लायर्स फॉर ह्यृमनिटी संस्थाओं का सहयोग मिला।