धरने पर बैठे कांग्रेस नेता।
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अकाली दल अमृतसर के सुप्रीमो व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने भी इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले ही जंगल कम हैं। यहां डाइंग समेत कई उद्योग लगेंगे, जिनका प्रदूषित पानी सतलुज में जाएगा। मालवा में सतलुज का पानी उपयोग में लाया जाता है। इससे कैंसर व अन्य बीमारियां फैलेंगी।
मत्तेवाड़ा को बचाना जरूरी: लक्खा सिधाना
किसान नेता लक्खा सिधाना ने कहा कि इस मामले में सीएम भगवंत मान कुछ नहीं बोल रहे हैं। मत्तेवाड़ा को बचाया जाना जरूरी है। गौरव मित्तल और मनिंदर सिंह ने कहा कि यहां उद्योग लगने से पर्यावरण का नुकसान होगा। मत्तेवाड़ा में धरने के दौरान समाजसेवी संगठनों की ओर से लंगर लगाए गए।
विरोध में आए आप विधायक गोगी
लुधियाना पश्चिमी से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी भी मत्तेवाड़ा में उद्योग लगाने के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए उद्योग जरूरी हैं लेकिन पर्यावरण संरक्षण की ओर भी ध्यान देना चाहिए। राज्य में जंगल कम हैं।