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पंजाब: प्रदेश में शुरू हुआ वीआईपी सुरक्षा में कटौती का विरोध, भाजपा नेता ने हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी

Mon, 30 May 2022 02:11 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/कीरतपुर साहिब

सार

शहनाज गिल की सुरक्षा वापस लेने पर उनके पिता संतोष गिल ने विरोध जताया। गिल बोले कि किसी अनहोनी के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे। भाजपा नेता फतेहजंग बाजवा ने फैसले के विरोध में हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी है। 
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सिक्योरिटी - फोटो : demo pics
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विस्तार
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पंजाब के महत्वपूर्ण व्यक्तियों की पुलिस सुरक्षा में सरकार की ओर से कटौती करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। कई डेरों के प्रमुखों ने सुरक्षा वापसी के फैसले पर आपत्ति जताई है। हालांकि विरोध के बाद सरकार डेरा प्रमुखों और जत्थेदारों को सुरक्षा वापस दे रही है, लेकिन उन्होंने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। अभिनेत्री शहनाज गिल के पिता संतोष गिल ने भी सुरक्षा वापसी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी अनहोनी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान जिम्मेदार होंगे।

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शनिवार को पंजाब में 424 वीआईपी की सुरक्षा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कटौती कर दी थी। चौथी बार की गई इस कटौती में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सहित डेरे के मुखी, तीन एडीजीपी, कई पूर्व विधायक शामिल हैं। मुख्यमंत्री के इस फैसले पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह विरोध प्रकट कर चुके हैं। विरोध के बाद सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा वापस कर दी गई, लेकिन उन्होंने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। 

भाजपा नेता फतेहजंग बाजवा ने तो सरकार के फैसले के विरोध में हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मेरी सुरक्षा उच्चन्यायालय द्वारा प्रदान की गई है। मेरी सुरक्षा पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। अब फैसले के दूसरे दिन भी कई जत्थेदारों ने विरोध प्रकट किया है।
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श्रीकेशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रकबीर सिंह ने भी सरकार द्वारा वापस दी गई पंजाब पुलिस की सुरक्षा को लेने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह अब सुरक्षा नहीं लेंगे। वह स्वयं की संसाधनों से ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। वहीं, पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह ने भी वापस ली गई सुरक्षा को लेने से इनकार दिया है।

अनहोनी पर मुख्यमंत्री होंगे जिम्मेदार: गिल
अभिनेत्री शहनाज गिल के पिता संतोष गिल ने पंजाब सरकार के इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि उन पर कई हमले हो चुके हैं। इसके बाद भी सरकार ने सुरक्षा वापस ले ली है। अब यदि कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे।

जत्थेदार ने खुद रखा लाइसेंसी हथियार
पंजाब में वीआईपी सुरक्षा में कटौती करते हुए शनिवार को कई धार्मिक शख्सियतों की सुरक्षा में भी कटौती कर दी गई है, जिसके चलते श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सहित कई बड़े धर्मगुरुओं से पुलिस सिक्योरिटी वापस ले ली गई है। जिसके बाद आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया। सिख संगठनों ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सिक्योरिटी को वापस लेने पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद एसजीपीसी अध्यक्ष के आदेश पर एसजीपीसी की टास्क फोर्स कर्मचारियों का हथियारबंद दस्ता जत्थेदार की सुरक्षा में लगा दिया गया है।

पूरे घटनाक्रम के बाद तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह ने भी कहा कि वह सरकारी सुरक्षा नहीं लेंगे। उन्होंने सरकारी सुरक्षा कर्मियों को पंजाब सरकार को वापस देने की बात कही है। उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा कि उन्हें सरकारी सुरक्षा कर्मियों की जरूरत नहीं है और वह अपनी सुरक्षा के लिए खुद सक्षम है। इस दौरान सिंह साहिब ने कहा कि पंजाब सरकार पर दबाव डाला जा रहा है कि सिक्योरिटी वापस दे दी जाए, लेकिन किसी कीमत पर भी सिक्योरिटी वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने अपने पास लाइसेंसी हथियार भी रख लिए हैं।

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