शरीर के अंदर पसीने की एक नली होती है। नली में बाधा में उत्पन्न होने पर पानी इकट्ठा होने लगता और बाद में नली फट जाती है। उसके बाद शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। केयर नहीं करने पर इसमें खारिश होने लगती है जो शरीर में जलन पैदा करती है।
क्या करे : अक्सर लोग पाउडर का प्रयोग करते हैं। पाउडर लगाने से थोड़ी ठंडक मिलती है और लोग समझते हैं कि उन्हें राहत मिल रही है जबकि ऐसा होता नहीं। उल्टा पाउडर उन्हें ब्लॉक कर देता है।
: पाउडर का कतई इस्तेमाल न करे
: ठंडे पानी से दो बार नहाएं
: नहाने में ज्यादा सख्त साबुन का इस्तेमाल न करे
: ग्लिसरीन युक्त साबुन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं
: बारिश के पानी में भी नहा सकते हैं
: सूती और ढीले कपड़े पहने
: सिंथेटिक कपड़े न पहने
: ठंडा पानी न मिले तो बर्फ डालकर भी नहा सकते हैं
कांग्रेस घास का इंफेक्शन
इस रीजन में कांग्रेस घास (पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस) का काफी प्रकोप है। इससे गाजर घास भी कहते हैं। पीजीआई की रेजिडेंशियल कालोनी में कांग्रेस घास के पौधे हैं। गर्मियों में जब इसके फूल सूखते हैं, तो हवा के माध्यम से वे फैलते हैं। हवा से यह आंखों की पलकों, गर्दन, कान के पीछे, उंगलियों के बीच और घुटने के पीछे वाले हिस्से में चिपक जाते हैं। यह जिस हिस्से में चिपकते हैं, वह हिस्सा लाल हो जाता है। उसके बाद दाने निकल आते हैं और खारिश होती है। फिर स्किन भी काली पड़ जाती है।
ऐसे बचे इंफेक्शन से :
कांग्रेस घास से बचाव ही इसका इलाज है। जब इसके लक्षण दिखाई पड़े तो तुरंत स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
1. नंगे हाथ से कांग्रेस घास को न छेड़े
2. जिन जगहों पर कांग्रेस लगी हो, उस जगह पर नहीं जाना चाहिए
3. फूल निकलने से पहले इस पेड़ को उखाड़ देना चाहिए
फंगल इंफेक्शन से ऐसे बचें
यह सर्दियों और गर्मियों में दोनों ही सीजन में होता है। गर्मियों में जब पसीना एक जगह इकट्टा होने लगता है तो इंफेक्शन शुरू हो जाता है। इससे स्किन में लाली और खारिश होती है। यह अक्सर नाजुक अंगों के आसपास, गले, कमर के पास और उंगलियों के बीच होता है।
क्या करे फंगल से बचने के लिए
1. रोज नहाए। ज्यादा पसीने निकलने पर दो बार नहाएं
2. शरीर के सभी अंगों को अच्छी तरह से साफ करे
3. गर्मियों में ज्यादा टाइट कपड़े न पहने
4. सूती कपड़ा पहने की कोशिश करे
5. नहाने के बाद अपने टॉवेल को धूप में जरूर डाले
6. नहाने के बाद बदन को अच्छी तरह से पोंछे
टैनिंग से ऐसे करे अपना बचाव
धूप के सीधे संपर्क में आने से टैनिंग (त्वचा का रंग गहरा होना) की प्रॉब्लम शुरू हो जाती है। सूरज की किरणों से अल्ट्रावायलेट ए और बी किरणें निकलती हैं जो सीधे त्वचा पर असर डालती है। तेज धूप से काफी देर तक रहने पर स्किन का ऊपरी परत की शक्ल बदलने लगती है। इसका सबसे ज्यादा असर गर्दन के खुले हिस्से, हथेली पर पीछे की ओर, हाथों पर बाहरी तरफ और पैरों का ऊपरी हिस्सा।
टैनिंग से बचने के लिए क्या करे
1. सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में आने से बचें।
2. यदि मुमकिन हो तो दो बजे के बाद ही निकले
3. मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करे।
4. 30 एससीएफ या उससे ऊपर वाली सनक्रीन का इस्तेमाल करे
5. धूप से निकलने से आधा घंटे पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं
6. खुले और पूरी बांह के हलके रंगो वाले कपड़े पहने
सनबर्न से ऐसे करें बचाव
यह अक्सर गोरे लोगों को होता है। अल्ट्रावायलेट बी किरणों की वजह से होता है। सनबर्न की वजह से स्किन झुलस कर लाल हो जाती है और इसमें दर्द और खुजली भी होती है। बुरी तरह सनबर्न होने की हालत में फफोले भी पड़ सकते हैं। सनबर्न में स्किन सूख कर शरीर से निकल जाती है। हालांकि इसके केस काफी कम आते हैं।
ऐसे बचें सनबर्न से
1. दस से दोपहर दो बजे तक धूप में न निकले
2. धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं
3. युवतियां धूप में चेहरे को दुपट्टे से ढंके
4. युवक टोपी या चेहरे को ढंकने के लिए सूती कपड़े का इस्तेमाल करे
स्वीमिंग से त्चचा को खतरा
गर्मियां शुरू होते ही बच्चे स्वीमिंग सीखते हैं। स्वीमिंग के पानी में क्लोरीन होती है। इससे स्किन में ड्राइनेस हो जाती है और उससे खारिश बढ़ती है। ये अक्सर बच्चों में हो जाता है।
क्या करे ड्राइनेस से बचने के लिए :
1. स्वीमिंग से पहले वाटर रेजिस्टेंस क्रीम लगाएं
2. स्वीमिंग करने के बाद साफ पानी से नहाएं
3. बाद में फुल बाडी मॉश्चराइजर क्रीम लगाएं
ऐसे जाने कौन सा अच्छा सनस्क्रीन है
जिस प्रकार से इलेक्ट्रानिक सामान को मापने के लिए एक रेटिंग होती है, ठीक उसी प्रकार से सनस्क्रीन के लिए भी एक रेटिंग होती है। एससीएफ बताता है कि सनस्क्रीन कितनी कारगर है। तेज धूप में विशेषज्ञ 30 एससीएफ लगाने की सलाह देते हैं।
इससे त्वचा रहेगी सुरक्षित
1. रोज नहाएं। ज्यादा गरमी पर दो बार नहाएं
2. पेय पदार्थ अधिक मात्रा में लें
3. दोपहर दो बजे के बाद ही निकलने की कोशिश करे
4. हरी और फ्रेश सब्जियां खूब खाएं
5. मौसमी फल पपीता और आम जरूर खाएं
6. खुले और पूरी बांह के हल्के रंगों वाले कपड़े पहनें।
7. चौड़े फ्रेम के प्रोटेक्शन वाले सनग्लास इस्तेमाल करे
8. कच्चे आलू को कद्दूकस कर चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाएं, फिर ठंडे पानी से धो लें। इससे धूप से झुलसी स्किन निखर उठेगी।
9. बाहर से आने के बाद चेहरे को नीबू या संतरे के छिलकों से साफ करें, फिर बर्फ से मसाज करें। इससे चेहरा खिल उठेगा।
यह कहना है हेल्थ विशेषज्ञों का
गर्मियों में स्किन की दिक्कत बढ़ जाती हैं। कुछ डिजीज गंभीर होती हैं, लेकिन पीजीआई में स्किन संबंधित सभी रोगों का बेहतर इलाज उपलब्ध है। मौसमी फल खाएं इससे त्वचा मुस्कुरा उठेगी।
डा. संजीव हांडा, एचओडी डरमेटोलॉजी पीजीआई
जब धूप चटख हो तो निकलने में परहेज बरते। इस मौसम में कांग्रेस घास से संबंधित बीमारियां भी काफी देखने को मिलती है। फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए सूती और ढीले कपड़े पहने और रोज नहाएं।
दीपांकर डे, असिस्टेंट प्रोफेसर, डरमेटोलॉजी पीजीआई
गर्मियों में अपनी स्किन को सुरक्षित रखने के लिए खूब पानी पीएं। मौसमी फल खाएं और सूती कपड़े पहने। यदि कोई भी दिक्कत आए तो तुरंत अपने स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लें।
- डा. रोहित बंसल, डाक्टर बंसल स्किन एंड लेजर सेंटर
इस सीजन में सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन केस आते हैं। सिंथेटिक कपड़ों से दूर रहे और ढील कपड़े पहने। यदि पूरे दिन शूज पहनते हैं तो दिन में एक घंटे पैरों में हवा लगने दें।
डा. परमजीत सिंह वालिया, फोर्टिस हास्पिटल व वालियास स्किन एंड लेजर क्लीनिक