इस रिसर्च इंस्टीट्यूट में प्रोटॉन थैरेपी पर काम करने की बात कही गई। यह उपचार व रिसर्च दोनों के लिए काम आएगी। यहां कैंसर में रिसर्च करने वाले स्कॉलर कैंसर केसों के अलावा जीनोमिक परिवर्तनशीलता, महामारी के आंकड़ों का संग्रह, विश्लेषण, सांख्यिकीय मूल्यांकन पर काम करेंगे। साथ ही मेटास्टेसिस में शामिल आणविक तंत्र को समझने के लिए बुनियादी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। इस सेंटर में जैव चिकित्सा तकनीकों को बढ़ावा दिया जाना शामिल है। कैंसर निदान के लिए विवो इमेजिंग तकनीकों और स्पेक्ट्रोमेट्रिक विधियों को व्यवहार में लाया जाएगा।
सेंटर में बनाए जाने वाले विभाग
- विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान
- जैव सूचना विज्ञान
- कैंसर इमेजिंग
- प्रवाह साइटोमेट्री कोर
- जीनोमिक्स प्रोटिओमिक्स
- ऊतक अधिग्रहण और सेलुलर सेल
- आणविक विश्लेषण कोर
- रोग की रोकथाम और प्रारंभिक निदान