नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले लोगों पर शिकंजा कस दिया है। चार हजार के करीब औद्योगिक व व्यापारिक संस्थानों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
लोगों को एक हफ्ते में टैक्स चुकाने के लिए कहा गया है। वरना निगम की ओर से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत प्रॉपर्टी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शहर में कुल 4989 कामर्शियल साइट्स हैं। उनमें से 1600 नगर निगम को टैक्स अदा कर चुके हैं जोकि पांच करोड़ 23 लाख रुपये बनता है। इसी के तरह 1274 औद्योगिक साइट्स हैं। जिनमें से 850 लोगों ने अपना टैक्स चुका दिया है। इससे निगम को चार करोड़ 70 लाख रुपये की आमदन हुई है।
जानकारी के मुताबिक निगम ने लोगों को बिना किसी जुर्माने से तीस सितंबर तक साल 2013-14 का प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी काफी लोगों ने टैक्स नहीं भरा था। जिसके बाद निगम ने सौ प्रतिशत जुर्माने वाले नोटिस जारी किए थे, जिसका लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था।
इसके बाद स्थानीय निकाय विभाग ने अपने फैसले को बदल दिया था, जिसके बाद लोगों को 20 फीसदी पेनल्टी व 18 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ टैक्स चुकाने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी लोगों ने टैक्स नहीं भरा। जिसके बाद भी काफी लोग रह गए थे।
रिहायशी मकानों के लिए केवल दस दिन का समय
जानकारी के मुताबिक शहर में 45160 रिहायशी मकान है। इनमें से बीस हजार लोगों ने टैक्स भर दिया था। इनसे निगम को 3 करोड़ 46 हजार जमा करवाया था। बाकी लोगों को 14 नवंबर तक टैक्स भरना होगा। बाद में निगम की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।