हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा पिछले साल ग्रुप सी और डी में अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को तरक्की में आरक्षण देने के लिए बनाई गई नीति रद्द कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में एक फैसले में कहा था कि तरक्की में आरक्षण देने से पहले डाटा एकत्र किया जाए और जरूरत महसूस होने पर ही आरक्षण के तहत तरक्की दी जाए।
सामान्य वर्ग के कई कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा था कि हरियाणा में बगैर डाटा एकत्र किए नीति बना दी गई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से लगातार आरक्षण के तहत तरक्कियां दी जाती रही हैं।
लिहाजा, यह तरक्कियां रद्द की जानी चाहिएं और हरियाणा सरकार की तरक्की नीति में आरक्षण का प्रावधान हटाया जाए। हाईकोर्ट ने समूची नीति रद्द कर दी है।
इस फैसले से हजारों एससी कर्मचारियों की तरक्की रद्द हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि हुड्डा सरकार ने वर्ष 2013 में ही यह नीति बनाई थी।