पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू व पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी के बीच ठन गई है। सिद्धू ने जहां जोशी के प्रिय तीन निगम अधिकारियों को पदोन्नत करने का आर्डर कैंसिल कर दिया है, वहीं नगर निगम की कई विकास प्रोजेक्ट की फाइलों पर जांच बैठा दी है।
इसके पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस बल को निजी तौर पर प्रेक्टिस करते विजिलेंस ने कैमरे में कैद किया था, जिस पर चंडीगढ़ से एक्शन होना बाकी है। 30 दिसंबर 2016 को पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने विशाल वधावन, सुशांत भाटिया व सुभाष चोपड़ा को सुपरिंटेंडेंट ग्रेट टू से सचिव बनाने का आदेश पास किया था।
8 मई 2017 को पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। दावा किया गया है कि यह प्रमोशन बिना डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) के बगैर की गई है।