चंडीगढ़। ऑडिटर जगदीश मलिक वीरवार की दोपहर घर में अपने परिवार से कहकर निकले थे कि वह जल्द ऑडिट कर लौट आएंगे। घर पर परिवार इंतजार कर रहा था और उनकी मौत की खबर परिजनों के पास पहुंची। खबर मिलते ही परिवार में जैसे मातम छा गया। रात को ऑडिटर का शव हिसार से सेक्टर-36 स्थित अस्पताल में पहुंचाकर मोर्चरी में रखवा दिया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। परिवार को सदमा न लगे, इसलिए पुलिस ने एक दिन बाद उन्हें घटना की सूचना दी।
मूलरूप से रोहतक में सांपला रोड स्थित गांव खरावड़ के 51 वर्षीय जगदीश मलिक परिवार के साथ सेक्टर- 41 में रहते थे। उनका बेटा और बेटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं जबकि पत्नी गृहिणी हैं। आमतौर पर जगदीश ऑडिट के लिए बाहर जाते रहते थे। परिजनों से वह कहकर निकले थे कि ऑडिट का काम खत्म कर जल्द लौटकर आएंगे। उन्हें हिसार में कुछ रजिस्ट्रियों की ऑडिट करनी है। शाम को धुंध ने हंसते खेलते परिवार के स्तंभ को छीन लिया। मानवीय पहलू को देखते हुए पुलिस ने वीरवार को हुए हादसे की सूचना परिजनों को शुक्रवार को दी। शव के पहुंचने तक रात के समय परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा था। पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपेगी। उसके बाद उनका दाह संस्कार होगा।