चंडीगढ़। पीजीआई के मरीजों की मदद के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट सारथी को मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट सर्वश्रेष्ठ प्रथा के रूप में राष्ट्रीय सम्मान मिला है। नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन 2026 में पीजीआई को बेस्ट प्रैक्टिसिस इन पेशेंट सेफ्टी 2026 के लिए विशेष सम्मान दिया गया। पीजीआई की ओर से सरयू डी. मद्रा ने पुरस्कार प्राप्त किया और प्रोजेक्ट की जानकारी दी।
मई 2024 में शुरू प्रोजेक्ट सारथी का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की जटिल व्यवस्था समझने में मदद करना है। प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवक मरीजों को ओपीडी, पंजीकरण काउंटर, जांच केंद्र, रिपोर्ट लेने की जगह और अन्य सेवाओं तक पहुंचने में मार्गदर्शन करते हैं।
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि सम्मान इस बात का प्रमाण है कि छोटी-सी मदद भी मरीज के अस्पताल अनुभव को बेहतर बना सकती है। पीजीआई उप निदेशक प्रशासन पंकज राय ने कहा कि इससे मरीजों को सही जगह और सही सेवा तक पहुंचने में आसानी होती है।
अब तक 2700 से अधिक छात्र सारथी स्वयंसेवक के रूप में जुड़ चुके हैं और 1.6 लाख घंटे से अधिक सेवा दे चुके हैं। पीजीआई में हर साल 30 लाख से अधिक ओपीडी विजिट होती हैं।