हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि प्रो. विरेंद्र सिंह को चाहिए कि देशद्रोह मामले की जांच कर रही टीम को अपना सहयोग दें। उन्हें पुलिस के बुलाने पर पेश हो जाना चाहिए था। तंवर रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे यहां जाट आंदोलन की आड़ में हुई जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने पहुंचे थे।
तंवर से पूछा गया था कि क्या प्रो. विरेंद्र सिंह को पुलिस जांच से बचना चाहिए था। तंवर ने कहा कि कानून के दायरे में रह कर उन्हें जांच कमेटी को सहयोग देना चाहिए। पार्टी के स्तर पर पहले ही उन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुई हिंसा की जांच किसी आयोग से, नहीं बल्कि जेपीसी से करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आयोग की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ये सुनिश्चित करें कि दोषी बचने न पाए और निर्दोष पर कोई आंच न आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले जाने पर तंवर ने चुटकी ली कि इस बार मोदी जी मन से नहीं दिमाग से सोच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और सीएम खट्टर से जनता का विश्वास उठ चुका है। हिंसा से प्रभावित लोगों द्वारा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की खिलाफत के सवाल पर तंवर ने कहा कि ये लोगों का गुस्सा है। तंवर ने कहा कि सांप्रदायिक दंगे भाजपा की नीति में शामिल रहे हैं।
जाट आरक्षण के सवाल पर तंवर ने कहा कि आरक्षण के लिए कौन मापदंड पूरे करता है, ये कानून के दायरे में तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले ही उद्योग धंधे पलायन कर रहे हैं और अब इस स्थिति के बाद व्यापारियों में सरकार के प्रति विश्वास टूट गया है। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतेंद्र सिंह, पूर्व नप उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर भी मौजूद थे।
सीएलपी की बैठक में तैयार होगी रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि बजट सत्र में कांग्रेस की भूमिका को लेकर 7 मार्च को चंडीगढ़ में सीएलपी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसी दिन पीसीसी यानी प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक भी होगी, जिसमें तमाम नेता पार्टी फोरम पर अपनी बात रखेंगे।