फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रोडक्शन वारंट मिला, महाजन को सात दिसंबर को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मंगलवार को संजीव महाजन का प्रोडक्शन वारंट हासिल कर लिया। हत्या के केस में गवाह को धमकाने के मामले में पुलिस ने महाजन का प्रोडक्शन वारंट मांगा था। अब 7 दिसंबर को महाजन को जिला अदालत में पेश कर सेक्टर-17 थाना पुलिस उसका रिमांड हासिल करेगी।
विज्ञापन

इससे पहले सीजेएम अमन इंदर सिंह ने पुलिस को मामले से संबंधित कॉल डिटेल व टावर लोकेशन पेश करने को कहा था, जिसे पुलिस ने अदालत में पेश किया। वहीं, महाजन के वकील ने प्रोडक्शन वारंट का विरोध किया और कहा कि मामले में प्रोडक्शन वारंट नहीं बनता, जबकि पुलिस ने कहा कि मामले की जांच के लिए महाजन की जरूरत है।
बीते दिनों संजीव महाजन की जमानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने हाईकोर्ट में कहा था कि आरोपी संजीव महाजन ने सेक्टर-17 स्थित बस स्टैंड में हुए एक हत्या मामले में शिकायतकर्ता व गवाह को फोन पर धमकियां दी है। उसने गवाह से कहा कि वह इस हत्या मामले में मुख्य आरोपी विकास राठी उर्फ बॉक्सर के खिलाफ गवाही न दे। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद महाजन का प्रोडक्शन वारंट पुलिस को दे दिया।
विज्ञापन

बता दें कि जींद (हरियाणा) के चार लोगों (बॉक्सर गैंग) ने एक युवक की सेक्टर-17 के पुराने जिला अदालत के सामने गोलियां दागकर हत्या कर दी थी। उसी केस में संजीव महाजन शिकायतकर्ता और गवाहों को मुख्य आरोपी विकास राठी उर्फ बॉक्सर के खिलाफ गवाही देने पर धमकियां दे रहा था। सेक्टर-17 थाने में हत्या मामले में शिकायतकर्ता व गवाह को धमकियां देने के आरोप में पुलिस ने संजीव महाजन पर केस दर्ज किया था। इसके बाद जांच कर रही सेक्टर-17 थाना पुलिस ने जिस फोन नंबर से महाजन ने फोन किया था उस नंबर के मालिक से पूछताछ की थी। उसने बताया कि महाजन बीते दिनों जिला अदालत में पेशी के लिए आया था और उसने फोन करने के लिए मोबाइल मांगा। उसी मोबाइल से उसने गवाह और पीड़ित को धमकाया था। उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर सेक्टर-37 में कोठी हड़प ली थी। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था और 1 मार्च को उसे काबू किया था, तब से वह जेल में ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें