पंजाब में हुई टारगेट कीलिंग से जुडे़ पुजारी हत्याकांड में एनआईए की विशेष अदालत ने कनाडा में छिपे आंतकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और हरदीप सिंह निज्जर को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अदालत ने दोनों को एक महीने में अदालत के समक्ष पेश होने का समय दिया है। वरना 18 मई को उसे भगोड़ा करार देने की कार्रवाई होगी।
वहीं, अब एजेंसी ने नोटिस आरोपियों के घरों पर लगा दिए हैं। साथ ही अपनी वेबसाइट व विभिन्न संचार माध्यमों पर इसकी सूचना प्रकाशित कर दी। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी। दोनों आरोपी मूलरूप से मोगा और जालंधर के पास स्थित गांव के रहने वाले हैं।
साल 2021 में जालंधर में हिंदू पुजारी की हत्या हो गई थी। पहले इस मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही थी लेकिन बाद में मामला टारगेट कीलिंग से जुड़ा होने के चलते एनआईए को सौंपा था। एनआईए ने इस मामले में आठ अक्तूबर 2021 को केस दर्ज किया था। इसके बाद इस मामले में पुलिस अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला, खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के सरगना हरदीप सिंह निज्जर, गगनदीप सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ दो आरोप पत्र दायर किए थे लेकिन निज्जर पकड़ा नहीं गया था। इसके बाद एनआईए ने उस पर 10 लाख का इनाम घोषित किया था।
कुछ साल पहले पंजाब में एक के बाद एक विभिन्न धार्मिक नेताओं की हत्या हुई थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने कई आरोपियों को काबू किया था। जांच में पता चला कि इस हत्याकांड का लिंक विदेश से जुड़ा है। इसके बाद इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई। एनआईए ने नए सिरे से केस दर्ज कर अपनी जांच की। इसके बाद आरोप पत्र दायर किया था।