मान चुनाव लड़ना चाहें तो स्वागत हैः शिअद
एसजीपीसी चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने के एलान के तुरंत बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि वह अगर एसजीपीसी का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उनका स्वागत है लेकिन इसके लिए वह केजरीवाल से इजाजत ले लें। शिअद की ओर से कहा गया- जहां तक एसजीपीसी के चुनाव के लिए वोट बनाने का सवाल है, ये हिदायतें तो 25 मई 2023 को ही जारी हो चुकी थीं और उसके बाद प्रक्रिया शुरू करना सरकार का फर्ज है। इसमें आपके अनावश्यक बयान का क्या मतलब है? शिअद एसजीपीसी चुनाव का हमेशा स्वागत करता है और हमारी तैयारी भी पूरी है।
12 साल पहले हुआ था एसजीपीसी का चुनाव
सिखों की प्रमुख संस्था एसजीपीसी का विधिवत चुनाव 12 साल पहले वर्ष 2011 में हुआ था। उसके बाद यह चुनाव अमृतधारी बनाम सहजधारी सिख वोटरों के मुद्दे पर अदालती लड़ाई में उलझ गया। सहजधारी सिखों को वोट का अधिकार नहीं देने की मांग उठाई गई थी। यह विवाद अब अदालती फैसले के बाद समाप्त हो चुका है लेकिन एसजीपीसी के चुनाव नहीं कराए जा सके और संस्था का कामकाज अब तक कार्यकारी कमेटी ही संभालती रही। इस साल गुरुद्वारा आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एसएस सारों की नियुक्ति के बाद पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ के गृह सचिवों को पत्र लिखकर मतदाता सूची बनाने का निर्देश दिया था।