सिटी ब्यूटीफुल में जगह-जगह खुले प्राइवेट टायलेट की तर्ज पर अब पीजीआई ने भी अपने मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए संस्थान में प्राइवेट टायलेट खोलने की योजना बनाई है। इनमें नहाने से लेकर कपड़े धोने तक की भी सुविधा होगी।
पीजीआई की ओर से इसके लिए टैंडर भी जारी कर दिए गए हैं। टैंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनके निर्माण के काम शुरू हो जाएगा। पीजीआई की कोशिश रहेगी कि इसका निर्माण जल्द से जल्द किया जाए ताकि लोगों को जल्दी सुविधा मिल सके।
पीजीआई से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ये पब्लिक टायलेट बीओटी के आधार बनाए जाएंगे। यानी जो भी कंपनी ठेका लेगी, उसकी जिम्मेदारी इसके निर्माण और संचालन करने की भी होगी। कंपनी को दस साल तक के लिए अलॉट किया जाएगा। इसमें कंपनियों को विज्ञापन लगाने की भी सुविधा होगी।
पांच जगह बनेंगे टायलेट
पीजीआई में पांच जगह प्राइवेट टायलेट बनाए जाएंगे। इसके लिए कुछ जगहों को चिह्नित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से ट्रामा सेंटर, नेहरू हास्पिटल, न्यू ओपीडी, लाइब्रेरी और एक अन्य जगह पर शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन प्राइवेट टायलेट को उन जगहों पर स्थापित करने की योजना है, जहां पर लोगों की मौजूदगी ज्यादा रहती है, ताकि लोगों को आसानी से यह सुविधा मिल सके। मरीजों के तीमारदारों को इसके लिए अलग से रुपया भी देना होगा, क्योंकि इसको साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
पीजीआई के सूत्रों ने बताया कि न्यू ओपीडी, नेहरू हास्पिटल व अन्य जगहों पर स्थापित टायलेट की हालत काफी खस्ता है। न तो इनका सही ढंग से रख-रखाव हुआ और न ही इन्हें साफ-सुथरा रखा जाता। इनकी हालत काफी दयनीय है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खासकर उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा परेशानी आती थी, जो दूर-दराज आते हैं। टायलेट के बनने से इन लोगों के लिए सुविधा बढ़ जाएगी और इसका फायदा भी उठा सकेंगे।