चंडीगढ़। महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में हुए स्कूल बस हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए हैं। ऐसे में अब सभी निजी स्कूल सुरक्षित वाहनों को लेकर शपथ पत्र देंगे। इसमें स्कूल मालिक और प्रिंसिपल की जिम्मेदारी होगी कि संबंधित वाहन सुरक्षा के सभी नियम पूरा करता है। यही नहीं अनुबंध पर लिए गए वाहनों की जवाबदेही भी निजी स्कूलों की होगी। इस संबंध में विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि सरकार की ओर से स्कूल संचालकों पर ढिलाई बरतते हुए दस दिन में नियमों को पूरा करने का समय दिया गया है। इसके बाद परिवहन और शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
चालान के साथ वाहन होगा जब्त
निजी स्कूल संचालकों को सुरक्षित वाहन पाॅलिसी को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए जाने वाले शपथ पत्र में स्कूल की मान्यता के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए लगाए गए वाहनों, बस, जीप, ऑटो, मिनी बस के प्रकार और इनमें बच्चों के बैठने की क्षमता के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर व फिटनेस सर्टिफिकेट की मान्यता अवधि की जानकारी देना अनिवार्य है। इसके अलावा शपथ पत्र में निजी स्कूलों को यह भी उल्लेख करना होगा कि वाहन स्कूल का है या फिर किराये पर लिया गया है। शपथ पत्र के बाद ही वाहनों का विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। परिवहन सचिवों के साथ डीईओ और खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांचेंगे। मानकों को पूरा नहीं करने पर चालान करने के साथ-साथ वाहनों को इंपाउंड भी किया जाएगा।