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शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में खुली चंडीगढ़ के निजी स्कूलों की पोल

Wed, 04 May 2016 12:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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एडमिशन घोटाला - फोटो : demo pics
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शहर के प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगाई जा रही हैं। प्राइवेट स्कूलों में बुकशॉप खोलकर मनमाने ढंग से अभिभावकों को लूटा गया। कई स्कूलों के साथ शहर की कई बुकशॉप के साथ टाईअप भी पाया गया। यह खुलासा यूटी के शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में छापे के बाद जारी जांच रिपोर्ट किया है। सभी प्राइवेट स्कूल कैंपस में बुकशॉप होने के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे थे। लेकिन जांच कमेटी के सामने कई राज स्कूल के विद्यार्थियों ने ही खोल दिए। जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर बुकशॉप होने का जिक्र नहीं है।
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लेकिन स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-45 स्थित बेपिस्ट स्कूल, सेक्टर-38 के हरकिशन पब्लिस स्कूल और सेक्टर-40 स्थित डीपीएस  स्कूल ने बुकशॉप और अन्य दुकानदारों के साथ टाईअप कर महंगे दाम पर किताबें बेचीं। जांच रिपोर्ट के बाद अब शिक्षा विभाग इन स्कूलों पर कार्रवाई कर पाता है या नहीं इस पर भी बड़ा सवाल है। उधर, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) ने सोमवार को प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ मीटिंग में सभी को तुरंत प्रभाव से कैंपस में बुकशॉप बंद करने के निर्देश जारी कर दिए थे।  

शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु  
विवेक हाई स्कूल-38 में बुकशॉप होने के साक्ष्य मिलेे। बच्चों ने मनचंदा बुक डिपो से भी किताबें खरीदने की जानकारी दी। 
बेपिस्ट स्कूल-45 के बेसमेंट में बुकशॉप। किताबों की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है। 
हरकिशन पब्लिक स्कूल-38 के कैंपस में बुक स्टेशनरी सप्लायर से टाईअप कर किताबें उपलब्ध कराई गईं। 
डीपीएस स्कूल-40 के कैंपस में बुकशॉप बंद कर दी गई है। स्टूडेंट ने किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस स्कूल कैंपस से ही खरीदी। 
चितकारा स्कूल-25 में कोई बुकशॉप नहीं। सत्र के शुरू में दो-तीन दिन किताबों की जानकारी के लिए हेल्प डेस्क होने की बात स्वीकारी।
सेंट जोसफ स्कूल-44 के स्टूडेंट कहीं से भी किताबें खरीद सकते हैं, स्कूल भी किताबें और ड्रेस डिमांड पर अरेंज करता है। 
सेंट स्टीफंस स्कूल 45 अभिभावकों की डिमांड पर ही बुक सेट उपलब्ध कराता है। ड्रेस के लिए कोई फिक्स दुकान नहीं दी गई। 
स्टेपिंग स्टोन 37 का पॉपुलर बुक स्टोर से टाईअप। दो दिन स्कूल में किताबों के लिए काउंटर लगाया गया। 
स्टेपिंग स्टोन-38 का पॉपुलर बुक स्टोर से टाईअप, दो दिन स्कूल कैंपस में किताबें बेचने के लिए काउंटर लगाया गया। 
किड्स आर किड्स-42 प्राइमरी कक्षाओं के नोट्स स्कूल खुद तैयार करता है, अभिभावकों से अतिरिक्त चार्ज किया जाता है। 
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एस्टेट ऑफिस करेगा कार्रवाई

कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं। - फोटो : demo pic
शिक्षा विभाग की जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट में कुछ स्कूलों में बिना अनुमति बुकशॉप खोलने का मामला सामने आने के बाद एस्टेट ऑफिस की नजर निजी स्कूलों की काली कमाई पर है। स्कूल कैंपस में कॉमर्शियल गतिविधियों के मामले में जांच की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग जल्द ही इस्टेट ऑफिस को बुकशॉप चलाने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखेगा। 
  
63 स्कूलों में भी जाएगी जांच कमेटी 
निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबल में शामिल करने और स्कूल कैंपस में बुकशॉप खोलने की शिकायतों पर शिक्षा विभाग अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। जानकारी अनुसार बचे हुए 63 स्कूलों की जांच के लिए भी शिक्षा विभाग जल्द कमेटी गठित करेगा। सभी स्कूलों में जांच कमेटी बच्चों से बातचीत करेगी और बुकशॉप खुले होने के रिकॉर्ड जुटाएगी। सूत्रों के अनुसार विभाग जल्द ही सभी प्राइवेट स्कूलों को किसी भी तरह की कॉमर्शियल गतिविधियों को तुरंत बंद करने का नोटिस भी जारी करेगी। 
  
कोट्स ...
दस प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा विभाग की जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। कुछ स्कूल कैंपस में बुकशॉप और स्कूल प्रबंधकों द्वारा किताबें और ड्रेस बेचने की जानकारी मिली है। सभी प्राइवेट स्कूलों को कैंपस में किसी भी तरह की कॉमर्शियल गतिविधि चलाने पर रोक लगा दी गई है। भविष्य में ऐसा करने वाले स्कूलों पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। 
-रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ 

प्राइवेट स्कूलों के साथ डीएसई की मीटिंग हुई है। सभी स्कूल प्रिंसिपल को स्कूल कैंपस में बुकशॉप नहीं खोलने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य मुद्दों को भी जल्द सुलझा लिया जाएगा। 
-सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़।
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