शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने, कैंपस में बुकशॉप और ड्रेस बेचने के मामले में यूटी प्रशासन और शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। कार्रवाई के नाम पर शिक्षा विभाग के अधिकारी प्राइवेट स्कूलों को सिर्फ नोटिस जारी कर अपना काम पूरा समझ रहे हैं।
इवेट स्कूलों की दादागीरी ऐसी कि वे नोटिस का जवाब देने को भी तैयार नहीं है। सोमवार को प्राइवेट स्कूलों के पास शिक्षा विभाग के नोटिस का जवाब देने के लिए अंतिम मौका है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग नोटिस नहीं देने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पाता है या फिर चुपचाप बैठा रहेगा। गौरतलब है कि डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने प्राइवेट स्कूलों को पहले 20 और फिर 24 अप्रैल तक नोटिस का जवाब देने का समय बढ़ा दिया था।
अमर उजाला के अभियान के बाद 16 अप्रैल को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन(डीएसई) रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ शहर के करीब 85 प्राइवेट,कॉन्वेंट और एडेड स्कूलों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने, कैंपस में बुकशॉप खोलने जैसे मामलों को लिखित रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन शनिवार तक सिर्फ 51 स्कूलों ने ही विभाग के नोटिस का जवाब जिला शिक्षा अधिकारी के पास भेजा।
प्रशासन के आला अधिकारी भी खामोश: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से हजारों अभिभावक परेशान हैं। प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस भरना तो दूर किताबें तक खरीदना जेब से बाहर हो चला है। अभिभावकों का आरोप है कि पूरे मामले में यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों और प्राइवेट स्कूलों की मिलीभगत है। अभिभावकों का यहां तक आरोप है कि जब यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों के बच्चे ही मनमानी करने वाले स्कूलों में पहुंचेंगे तो उन स्कूलों पर कार्रवाई कौन कर सकता है। शिक्षा विभाग तो छोड़िए यूटी सचिवालय में बैठे बड़े अधिकारी भी पूरे मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं।
सड़कों पर उतरेंगे अभिभावक: शहर के प्राइवेट स्कूलों की हद से अधिक फीस और निजी पब्लिशर्स की किताबों के खिलाफ शहर के अभिभावकों का गुस्सा फूटने लगा है। अभिभावकों ने सोशल साइट्स के माध्यम से एकजुट होना शुरू कर दिया है। कुछ अभिभावकों ने अगले हफ्ते तक यूटी प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों को एक कर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मोहाली और पंचकूला में अभिभावकों का विरोध शुरू
स्कूल
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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ चंडीगढ़ के अभिभावकों के बाद पंचकूला और मोहाली में भी विरोध तेज हो गया है। अभिभावकों की शिकायतों के बाद मोहाली, पंचकूला के अधिकारी भी जल्द प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। दोनों शहरों के प्राइवेट स्कूलों में तो चंडीगढ़ से भी मनमाने ढंग से फीस और किताबों के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। अभिभावकों ने लिखित में शिक्षा अधिकारियों के पास शिकायतें भेजनी शुरू कर दी हैं। लेकिन मोहाली, पंचकूला में किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की गई है।
सीबीएसई चेयरमैन के जवाब का इंतजार: डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन द्वारा 16 अप्रैल को सीबीएसई चेयरमैन को प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी गई थी। उसमें मनमानी करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की बात कही गई है। इस संबंध में अभी तक शिक्षा विभाग के पास सीबीएसई दफ्तर से कोई जवाब नहीं आया है। अधिकारियों के अनुसार सोमवार को फिर से मामले में सीबीएसई अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
परिमल राय , एडवाइजर, यूटी प्रशासन ने बताया कि मैं पहले पूरे मामले की संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर ही कोई कमेंट कर सकूंगा।
सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में डीएसई को निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई को लिखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर लैंड अलॉटमेंट भी रद्द की जा सकती है। सोमवार तक पूरे मामले की रिपोर्ट लूंगा।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों को सोमवार तक नोटिस का जवाब देने का समय दिया गया है। जिसके बाद सभी स्कूलों के जवाब की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सभी स्कूलों में जाकर कमेटी सच की जांच करेगी।