फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताब: गेंद अब यूटी प्रशासन के पाले में

Wed, 27 Apr 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
स्कूल बैग - फोटो : demo pics
विज्ञापन
शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगाने, कैंपस में बुकशॉप और महंगी ड्रेस खुद बेचने के मामले में गेंद अब यूटी प्रशासन के पाले में आ गई है। मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) के पास भेज दिया है। 73 प्राइवेट स्कूलों में से 63 ने ही जिला शिक्षा अधिकारी के पास नोटिस का जवाब दिया है।  रिपोर्ट में प्राइेवट स्कूलों द्वारा भेजी गई जानकारी की प्वाइंट वाइज जानकारी दी गई है।
विज्ञापन


रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों द्वारा विभाग द्वारा मांगी गई पूरी जानकारी नहीं दी गई। 16 अप्रैल को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन द्वारा जारी नोटिस के जवाब में करीब 50 फीसदी स्कूलों ने आधी अधूरी जानकारी दी है। स्कूलों ने मांगे  जरूरी डॉक्यूमेंट भी विभाग को नहीं दिए हैं। डीएसई को भेजी रिपोर्ट में 7-8 स्कूलों ने ही प्रमाण पत्रों के साथ पूरी जानकारी दी है। डीईओ ऑफिस में मंगलवार दिन भर प्राइवेट स्कूलों द्वारा भेजे गए जवाबों की रिपोर्ट तैयार होती रही। मंगलवार दोपहर बाद डीएसई के पास रिपोर्ट भेजी गई।

सात स्कूलों को शोकाज नोटिस जारी करेगा विभाग: उधर, प्राइवेट स्कूल कैंपस में बुकशॉप खोलने वाले 7 स्कूलों को शिक्षा विभाग शोकॉज नोटिस जारी करेगा। 6 स्कूलों के खिलाफ कमेटी की जांच रिपोर्ट में इन स्कूलों की सीबीएसई से मान्यता रद्द करने की सिफारिश कर दी है। 
विज्ञापन


स्कूलों को रिमाइंडर भेजने की तैयारी: प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने में प्रशासन लचीला रुख अपना रहा है। सूत्रों के अनुसार नोटिस का सही जवाब नहीं देने वाले प्राइवेट स्कूलों को फिर से शिक्षा विभाग एक रिमांडर भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में दोबारा से प्राइवेट स्कूलों को जानकारी देने का समय दिया जाएगा। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करने में अभी विभाग को ओर अधिक समय लग सकता है। 

अभिभावकों ने की शिकायतें: प्राइवेट स्कूलों द्वारा महंगी किताबें, मनमानी फीस, ड्रेस और अन्य महंगा सामान खरीदने के मामले में शहर के अभिभावकों में जबर्दस्त रोष है। जानकारी अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन और शिक्षा सचिव के पास पिछले काफी दिनों से शिकायतों के ढेर फोन, व्हाट्सअप और ईमेल पर मिल रहे हैं। अधिकारियों ने खुद इस बात की पुष्टि की है। उधर अमर उजाला द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन पर भी अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ जमकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। 
विज्ञापन

8 प्राइवेट स्कूलों ने मंगलवार को भेजा जवाब  

स्कूल
मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी के पास 8 ओर प्राइवेट स्कूलों ने निर्धारित तिथि से एक दिन बाद नोटिस का जवाब भेज दिया।  शिक्षा विभाग के पास अब 73 प्राइवेट स्कूलों में से 63 ने नोटिस का जवाब दे दिया है। 10 प्राइवेट स्कूलों ने अभी भी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के नोटिस का जवाब नहीं दिया है। 

 इन स्कूलों ने भेजा जवाब 
-गुरु गोबिंद सिंह स्कूल-26, -एसडी पब्लिक स्कूल-32, -रयान इंटरनेशनल स्कूल-49, -डीएवी हाई स्कूल-22, -आरआईएमटी स्कूल मनीमाजरा, -सीएल अग्रवाल सेक्टर-7, एसडी पब्लिक स्कूल-19, पैरागान कॉन्वेंट स्कूल-38

सीबीएसई को चिट्ठी से प्राइवेट स्कूलों के उड़े होश 
काफी दिनों से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर यूटी प्रशासन आंखें बंद किए हुए था। लेकिन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन द्वारा 7 स्कूलों में बुकशॉप खोलकर महंगी किताबें बेचने के मामले में जांच रिपोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों के होश उड़ा दिए हैं। शहर के 6 नामी स्कूलों के खिलाफ पहली बार शिक्षा विभाग ने सीबीएसई को इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चिट्ठी भेजने का फैसला लिया है। 
 
नोटिस में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने यह जानकारी मांगी थी 
-सभी कक्षाओं के सिलेबस में लगाई गई किताबों की लिस्ट। 
-किताबों की रेट लिस्ट 
-वेबसाइट पर किताबों और ड्रेस संबंधी जानकारी कब अपलोड की। 
 - स्कूल में बेची जाने वाली अन्य चीजों के बारे में जानकारी।
-स्कूल में अगर बुकशॉप खोली गई हैं तो उसकी जानकारी। 
-क्या स्कूल किसी एक दुकानदार से ड्रेस खरीदने के निर्देश जारी करता है। 
-नोटिस बोर्ड पर किताबों, ड्रेस की पूरी जानकारी का प्रूफ 
 
विनय आर सूद, जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़ ने बताया कि मंगलवार को प्राइवेट स्कूलों की रिपोर्ट तैयार कर डीएसई को भेज दी गई है। कुछ ओर स्कूलों ने मंगलवार को जवाब दिया है। स्कूलों में कार्रवाई का फैसला अब डीएसई के आदेशों के बाद होगा। 
 
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के मुताबिक मैंने अभी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। मंगलवार किसी मीटिंग में व्यस्त होने के कारण रिपोर्ट नहीं देख सका। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कमेंट कर पाऊंगा।

सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़ ने बताया कि अभी मेरे पास प्राइवेट स्कूलों के मामले में रिपोर्ट नहीं आई है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर प्राइवेट स्कूलों ने नियमों की अनदेखी की तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई को भी लिखा जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें