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हरियाणा में अब आसान नहीं होगा खोलना निजी प्ले स्कूल, सरकार ने लागू की गाइडलाइन

Wed, 21 Nov 2018 07:03 PM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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अब हरियाणा में प्ले स्कूल खोल पाना आसान नहीं होगा। प्रदेश सरकार ने निजी प्ल स्कूलों पर शिकंजा कस दिया है। भविष्य में कोई भी निजी प्ले स्कूल बिना पंजीकरण और मान्यता के नहीं चल पाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइन को राज्य में लागू कर दिया है। आने वाले समय में कोई भी निजी प्ले स्कूल बिना महिला एवं बाल विकास विभाग की मंजूरी के नहीं चल सकेगा। 

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विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को प्ले स्कूलों के पंजीकरण के लिए अधिकृत किया गया है। विभाग इसमें नोडल एजेंसी की भूमिका निभाएगा। न केवल प्ले स्कूल चलाने के लिए पंजीकरण कराकर मान्यता लेनी होगी, बल्कि जिला कार्यक्रम अधिकारी प्ले स्कूलों का मौके पर जाकर निरीक्षण भी करेंगे। सभी मानक पूरे होने पर ही मान्यता मिलेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी किसी भी आवेदन को प्ले स्कूलों में सुविधाओं का अभाव होने पर रद्द कर सकते हैं। मान्यता को हर साल रिन्यू भी कराना होगा।

 राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गाइडलाइन को हूबहू महिला एवं बाल विकास विभाग लागू करने जा रहा है। जिससे पहले से चल रहे तीन हजार से अधिक नामी गिरामी प्ले स्कूल पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। चूंकि, उनके पंजीकरण, मान्यता व संबंद्धता को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। चूंकि, आयोग की गाइडलाइन में उनके लिए कोई साफ निर्देश नहीं हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर
ऐसे में इन पर फिलहाल सरकार का डंडा नहीं चल पाएगा। पूर्व से चले आ रहे प्ले स्कूलों में भी अनेक ऐसे हैं, जिनमें नौनिहालों की सुरक्षा दांव पर है। न तो पूरी तरह सुरक्षा बंदोबस्त हैं, नही ढांचागत सुविधाएं हैं। बावजूद इसके निजी प्ले स्कूल संचालक मोटी कमाई कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में पूर्व संचालित स्कूलों के लिए भी गाइडलाइन जारी की जा सकती हैं।

मनमाने तरीके से नहीं चलेंगे प्ले स्कूल : शर्मा
महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक हेमा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइलाइन लागू कर दी गई हैं। जिलों में अब कोई भी नया निजी प्ले स्कूल बिना मान्यता के नहीं चलेगा। केंद्र व प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।

स्वास्थ्य सहयोग संगठन ने उठाया था मुद्दा
स्वास्थ्य सहयोग संगठन हरियाणा के अध्यक्ष बृजपाल परमार व महासचिव भारत भूषण बंसल ने आरटीआई के माध्यम से इसी वर्ष महिला एवं बाल विकास विभाग से प्ले स्कूलों के पंजीकरण को लेकर जानकारी मांगी थी। जिसमें विभाग ने बताया था कि किसी भी स्कूल का पंजीकरण नहीं है। इसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने 2013 में केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई गाइडलाइन लागू करने के निर्देश दिए थे। जिन पर अब अमल शुरू हो गया है। 
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