भिवानी डिपो की बसों में कंडक्टर आवाज लगा रहे थे कि चंडीगढ़ के यात्री कृपया ध्यान दें, बस सिर्फ कैथल-करनाल तक ही जाएगी। वहीं मथुरा जाने वाली बस में भी सिर्फ दिल्ली तक ही टिकट दी गई। यात्रियों ने इसका विरोध भी किया। लंबे रूट के साथ लोकल रूटों पर भी बसें नहीं चलने से यात्री परेशान रहे। दिल्ली, जींद जाने के लिए यात्रियों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
रोहतक बस अड्डे से सिरसा, यमुनानगर, जींद के लिए बसें नहीं मिलीं। डिपो में कर्मियों की कमी के कारण 10 रूटों पर बसों का संचालन बंद हो सकता है। दिल्ली जाने वाली बाहरी डिपो की बसें भी बस स्टैंड पर सवारियां उतारकर लौट गईं। इस कारण भी बहादुरगढ़ जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
जीएम तय नहीं कर पाए ड्यूटी रोस्टर, निदेशालय ने संभाली कमान
हरियाणा परिवहन विभाग ने चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम खत्म करने के बाद परिवहन सेवाएं सुचारु बनाए रखने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। विभाग ने डिपो महाप्रबंधकों को नए सिरे से ड्यूटी रोस्टर तय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह ड्यूटी आवर का एडजस्टमेंट ही नहीं कर पाए। अब विभाग ने कमान संभालते हुए साफ कर दिया है कि 48 घंटे की ड्यूटी प्रति सप्ताह की है, इसे रोजाना आठ घंटे ड्यूटी पूरी होने के हिसाब से नहीं देखा जा सकता। निदेशालय यह तय करेगा कि वे किस कर्मचारी से सप्ताह में कितने घंटे रोजाना ड्यूटी लेगा।