हरियाणा में स्कूलों, कालेजों और अन्य शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों को लाने-ले-जाने के लिए अब निजी बसों को भी परमिट दिए जाएंगे।ये कांट्रेक्ट कैरिज परमिट कहलाएंगे। हरियाणा सरकार ने इस बारे में नई नीति घोषित कर दी है।
राज्य की परिवहन आयुक्त सुमिता मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो बसें और वाहन पहले से शैक्षणिक संस्थानों में लगे हुए हैं, उन्हें रोड टैक्स से छूट दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि नए फैसले से निजी वाहनों की वित्तीय व्यवहार्यता में सुधार होगा और विद्यार्थियों के अभिभावकों पर परिवहन शुल्क के रूप में अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वाहनों को चलाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिसका लाभ विद्यार्थियों को होगा।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि ऐसे परमिट बड़े वाहनों के अलावा तिपहिया वाहन मसलन ऑटो रिक्शा और अन्य छोटे वाहन मसलन मोटर कैब, मैक्सी कैब के लिए भी जारी किए जाएंगे।
तिपहिया या मैक्सी कैब जैसे वाहन नगर निकाय सीमा के अंदर और पांच किलोमीटर की परिधि में चल सकेंगे। अगर स्कूल, कालेज या अन्य शैक्षणिक संस्थान नगर निकाय क्षेत्र से बाहर होगा तो वे उनका क्षेत्र शैक्षणिक संस्थान से 15 किलोमीटर की परिधि तक सीमित रहेगा।
उन्होंने बताया कि ऐसे सभी वाहन जिन्हें विद्यालय, महाविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों द्वारा केवल विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए प्रयोग किया जाता है, को कांट्रैक्ट कैरिज परमिट दिया जाएगा।
शर्त यह है कि ऐसे वाहन को केवल निर्धारित क्षेत्र या निर्धारित रूट पर ही प्रयोग किया जाएगा। वाहन मालिक सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम दरों पर किराया वसूल सकता है।
अलबत्ता, उन्हें किराया दरें दर्शानी होंगी। ऐसे वाहन के चालक के कार्य घंटे निर्धारित होंगे। वाहन के दोनाें तरफ संचालक का नाम और पता लिखना होगा।