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खुलासाः सेंट्रल जेल से ऑपरेट हो रहे फेसबुक और वाट्सऐप

Thu, 30 Jul 2015 02:20 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, अंबाला सिटी
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सेंट्रल जेल के अंदर से स्मार्ट फोन के जरिए वाट्स एप और फेसबुक आपरेट कर रहे हैं कैदी। उन्होंने अब जेल से बाहर अपने जानकारों से संपर्क करने का बढ़िया जरिया बना लिया है। ये कैदी जेल से भीतर इन्हीं मोबाइल एप्लीकेशनस के जरिए चैटिंग करते हैं, इतना ही नहीं अपनी फोटो तक शेयर करते हैं।
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यह खुलासा पिछले दिनों अंबाला सेंट्रल जेल के अधिकारियों द्वारा कैदियों के बैरकों में की गई चेकिंग से हुआ। जेल अथारिटी को कुछ ऐसे मोबाइल मिले, जिससे बंदी जेल के भीतर से ही फेसबुक व वाट्स एप आपरेट कर रहा था। ये देखकर जेल अथारिटी भी चिंतित है और इसकी जानकारी जेल अथारिटी की ओर से बलदेव नगर पुलिस को भी दे दी गई है।
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जेल के अंदर की फोटो फेसबुक पर अपलोड

जेल सूत्रों के अनुसार जिस बंदी से मोबाइल जब्त किया गया है, वो फेसबुक आपरेट कर रहा था। इतना ही नहीं इस बंदी ने जेल के भीतर अपने करीबन सात अन्य साथी बंदियों और कैदियों के साथ ग्रुप फोटो खींचकर फेसबुक पर अपलोड की हुई थी।

जेल अथारिटी ने इस फोटो को भी देख लिया है। कैदी अपनी ग्रुप फोटो जेल से बाहर फेसबुक पर शेयर कर रहे हैं। फिलहाल इस फेसबुक आईडी को डिलीट कराने संबंधी कार्रवाई जा रही है।

जेल अथारिटी के समक्ष नई चुनौती
अभी तक जेल में मोबाइल मिलने की घटनाएं आम होती रहती थी। लेकिन अब स्मार्ट फोन के जरिए  कैदी व बंदी व्हाटॅसअप चला रहे हैं। ये जेल अथारिटी के लिए बड़ी चुनौती है।

कैदियों व बंदियों के लिए भी ये आम मोबाइल से जेल के भीतर रहकर बाहर अपने रिश्तेदारों, दोस्तों से बात करने से ज्यादा बेहतर विकल्प है। वे वाट्स एप व फेसबुक के जरिए बैरक में चुपचाप छिपकर बिना बोले, बाहर बैठे अपने जानकारों से बात कर सकते हैं।
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जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध

जेल के भीतर से कैदियों व बंदियों द्वारा वाट्स एप व फेसबुक आपरेट करना जेल सुरक्षा में बड़ी सेंध है। क्योंकि जिस तरह से सात कैदियों ने जेल के भीतर की अपनी ग्रुप फेटो को फेसबुक पर शेयर कर दिया है, इसी तरह वे जेल के भीतर किसी भी चीज की फोटो को वाट् एप व फेसबुक के जरिए बाहर शेयर कर सकते हैं। मगर अब देखना यह है कि जेल अथारिटी इस पर कैसे लगाम कसती है।

जेल प्रशासन ने कैदियों से मोबाइल व बैटरियां पकड़ी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अब जो कैदी व बंदी जेल में मोबाइल फोन चला रहे हैं, वे वाट्स एप व फेसबुक भी चला सकते हैं। जेल अथारिटी के लिए ये बड़ा चिंता का विषय है। फिलहाल केस दर्ज कर पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है, जो भी निकलकर आएगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश चौहान, थाना प्रभारी, बलदेव नगर
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