कैदियों से ऑनलाइन पैसे मंगवाता था क्लर्क, बनाता था फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर
हवालाती रमनदीप सिंह से पूछताछ पर गुरदेव सिंह मालूवालिया निवासी तरनतारन को नामजद किया। बैंक खातों की जांच करने पर पाया कि रमनदीप सिंह ने डेढ़ लाख रुपये गौरव सिंह उर्फ सावन उर्फ गोलू निवासी मजीठा रोड अमृतसर को भेजे थे।
गौरव सिंह के बैंक खाते खंगालने पर रकम आगे से आगे होते हुए हरिंदर सिंह के खातों में गई लेकिन हरिंदर के दोनों खाते ही उसके गांव का जसप्रीत सिंह निवासी पटियाला चला रहा था। एटीएम भी वही इस्तेमाल कर रहा था। इस पर थाना कोतवाली की पुलिस ने जसप्रीत सिंह को पटियाला से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में जसप्रीत ने बताया कि वह मुख्य कार्यालय जेल, सेक्टर-17 चंडीगढ़ में बतौर क्लर्क तैनात है। वह जेल के कैदियों से विभिन्न खातों से पैसे मंगवाता था और इसमें से कुछ पैसे खुद रखकर बाकी रकम मुख्य कार्यालय जेल में ही तैनात सहायक अधीक्षक सिमरतपाल सिंह को देता था। दोनों मिलकर कैदी-हवालातियों के एक जेल से दूसरी जेल में तब्दील करने के फर्जी ऑर्डर तैयार करते थे। क्लर्क ने किन-किन कैदियों-हवालातियों के फर्जी ऑर्डर बनाए हैं, इसकी पूछताछ की जा रही है।