गुरुग्राम के निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या के आरोपी भोलू को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राहत देते हुए नाबालिग के तौर पर केस चलाने पर निर्णय लेने के लिए अब केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास वापस भेज दिया है। अब जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड तय करेगा कि आरोपी के खिलाफ नाबालिग के तौर पर केस चलाया जाए या नहीं।
जस्टिस दया चौधरी ने गुरुवार को आरोपी भोलू (बदला हुआ नाम) की याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया है। भोलू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की अपीलेट कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसके तहत उस पर बालिग के तौर पर केस चलाने का निर्णय लिया गया था।
आरोपी छात्र भोलू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसके खिलाफ चल रहे ट्रायल में उसे बतौर नाबालिग मान केस चलाने की मांग की थी। साथ ही जुवेनाइल बोर्ड की अपीलेट कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत उसे इस केस में नाबालिग न मानते हुए बतौर बालिग मान उसके खिलाफ केस चलाने को कहा गया है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए बोर्ड को यह केस वापस भेजते हुए आरोपी के खिलाफ नाबालिग के तौर पर केस चलाने के मामले में निर्णय लेने के आदेश दे दिए हैं। इस याचिका पर हाईकोर्ट के विस्तृत आदेश आना बाकी है।