अवैध निर्माण कर सड़क, राजमार्ग को बाधित करने व फॉरेस्ट लैंड पर निर्माण रोकने के अंडर टेकिंग देने के बावजूद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई न होने के चलते अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एमसी लुधियाना और पंजाब सरकार को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
याचिका दाखिल करते हुए रोहित सभ्रवाल ने एडवोकेट सरदाविंदर गोयल के माध्यम से हाईकोर्ट में लुधियाना में अवैध निर्माणों की हालत बताई। याची ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने पर हरियाणा और पंजाब सरकार ने अंडरटेकिंग दिया था कि सड़कों पर, राजमार्ग के रास्ते पर या वन भूमि पर अवैध निर्माण करने वालों पर कड़ी निगाह रखी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। इस अंडर ट्रेकिंग के बावजूद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अवैध निर्माण 1764, कार्रवाई सिर्फ 32 पर
याची ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि लुधियाना एमसी के आधीन ऐसे 1764 निर्माण हैं जिन पर कोर्ट में दी गई अंडरटेकिंग के तहत कार्रवाई की जानी थी। बावजूद इसके इन निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। याची ने बताया कि अब तक 1764 में से केवल 32 निर्माणों को हटाया गया है और बाकी 1732 निर्माण अभी भी मौजूद हैं। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एमसी लुधियाना व पंजाब सरकार को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।